Get App

Budget 2024: टोपियां बेचने वाले शख्स ने भारत में सबसे पहले पेश किया बजट? जानिए बजट का इतिहास

Budget 2024: भारत में बजट का इतिहास काफी पुराना है। यह आजादी से पहले का है। पहला बजट 7 अप्रैल 1860 में पेश किया गया था। सबसे पहला बजट 'द इकोनॉमिस्‍ट' और चार्टर्ड बैंक ऑफ इंडिया, ऑस्‍ट्रेलिया एंड चाइना के संस्‍थापक भी थे। वैसे बजट की शुरुआत इंग्लैंड में 1760 में हुई थी।

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 13, 2023 पर 2:21 PM
Budget 2024: टोपियां बेचने वाले शख्स ने भारत में सबसे पहले पेश किया बजट? जानिए बजट का इतिहास
Budget 2024: आजादी के बाद भारत में पहला बजट 26 नवंबर 1947 में पेश हुआ था। इसे आरके शणमुखम शेट्टी ने पेश किया था।

Budget 2024: बजट के बारे में हर कोई जानने के लिए काफी उत्सुक रहता है। बजट को समझने के लिए उसमें इस्तेमाल होने वाली शब्दों के अर्थ भी जानना बहुत जरूरी है। बहुत से लोग सोचते होंगे कि आखिर यह बजट पेश करने की परंपरा किस देश में शुरू हुई। भारत में सबसे पहले किसने बजट पेश किया है। ऐसे में अगर आप भी बजट का इतिहास खंगालना चाहते हैं तो यह लेख आपके लिए बेहद काम है। इसमें बजट के इतिहास से जुड़े रोचक पहलुओं के बारे में जानकारी दी जा रही है। वैसे बजट की शुरुआत इंग्लैंड में हुई। साल 1760 की शुरुआत में, राजकोष के चांसलर ने हर वित्ती वर्ष के शुरू में संसद में राष्ट्रीय बजट पेश करना शुरू किया था।

भारत में सबसे पहले बजट पेश करने वाले जेम्‍स विलसन थे। देश में बजट पेश करने की परंपरा आजादी से पहले की है। जेम्‍स विलसन ने 7 अप्रैल 1860 में भारत का पहला बजट पेश किया था। वह इंडियन काउंसिल के वित्‍त सदस्‍य थे। यह परिषद इंडियन वॉइसरॉय को सलाह देती थी। विलसन 'द इकोनॉमिस्‍ट' के संस्‍थापक भी थे। कार्ल मार्क्‍स उन्‍हें तमाम अर्थशास्त्रियों में बहुत ऊंचा दर्जा देते थे। आजादी के बाद पहला बजट 26 नवंबर 1947 में पेश हुआ था। इसे आरके शणमुखम शेट्टी ने पेश किया था। वह आजाद भारत के पहले वित्‍त मंत्री थे।

जानिए कौन थे जेम्‍स व‍िलसन?

जेम्‍स विलसन स्‍कॉटिश अर्थशास्‍त्री थे। उनके परिवार का टोपियां बनाने और बेचने का कारोबार था। वह भी इसके लिए काम करते थे। बाद में उनकी माहिर अर्थशास्त्रियों में गिनती होने लगी। अर्थशास्‍त्र और वाणिज्‍य में उनकी जबर्दस्‍त जानकारी थी। 'द इकोनॉमिस्‍ट' के साथ वह चार्टर्ड बैंक ऑफ इंडिया, ऑस्‍ट्रेलिया एंड चाइना के संस्‍थापक थे। 1969 में इसका स्‍टैंडर्ड बैंक के साथ विलय हो गया था। इसी से स्‍टैंडर्ड चार्टर्ड का उदय हुआ था। दिसंबर 1859 से लेकर अगस्‍त 1860 तक वह वॉइसरॉय की एक्‍जीक्‍यूटिव काउंसिल के मेंबर थे। उन पर सरकार के अकाउंटिंग सिस्‍टम, पे ऑफिस, ऑडिट के अलावा पेपर करेंसी, भारतीय पुलिस, मिलेट्री फाइनेंस कमीशन और सिविल फाइनेंस कमीशन की भी जिम्‍मेदारी थी।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें