Budget 2024: इस साल नरेंद्र मोदी की सरकार गरीब किसानों और ग्रामीण मजदूरों पर खास ध्यान देने वाली है। मनीकंट्रोल की एक स्टडी के मुताबिक, पिछले 10 साल में सरकार ने बजट में तय कुल अनुमान से ज्यादा मनरेगा पर खर्च किया है। औसत के हिसाब से देखें तो यह 29.6 फीसदी रहा है। एक अहम बात ये है कि कृषि की ग्रोथ कम रहे या ज्यादा, सरकार इस बार भी मनरेगा पर अपना खर्च बढ़ाने की तैयारी में है।
मनरेगा पर कब बढ़ा था सबसे ज्यादा खर्च?
सरकार ने फिस्कल ईयर 2024 में MGNAREGA पर 86,000 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। जबकि बजट में शुरुआती अनुमान 60,000 करोड़ रुपए खर्च करने का था। फिस्कल ईयर 2021 में कोविड की महामारी के दौरान सरकार ने मनरेगा पर बजट अनुमान से 80.8 फीसदी ज्यादा खर्च किए थे। अगर कोविड की महामारी वाले FY21 और FY22 को छोड़ दिया जाए तो भी इस स्कीम पर सरकार का खर्च शुरुआती बजट अनुमान से 18 फीसदी ज्यादा रहा है।
लगातार सरकार पर बढ़ रहा है खर्च
मनीकंट्रोल की स्टडी से पता चला है कि कोविड की महामारी के बाद के सालों में मनरेगा के शुरुआती बजट अनुमान और वास्तविक खर्च के बीच फर्क बढ़ा है। FY16 और FY20 के दौरान बजट अनुमान और वास्तविक खर्च के बीच फर्क 16 फीसदी था। FY22 और FY24 के दौरान यह बढ़कर 34.2 फीसदी हो गया। यह ध्यान में रखना होगा कि इस दौरान कृषि क्षेत्र की ग्रोथ काफी सुस्त रही।
सरकार के कुल खर्च में मनरेगा की हिस्सेदारी नहीं बढ़ी
डेटा से पता चलता है कि सरकार के पास MGNREGA का दायरा बढ़ाने की काफी गुंजाइश है। मनरेगा पर हर साल खर्च बढ़ने के बावजूद कुल बजट में इसकी हिस्सेदारी घटी है। FY24 में सरकार ने मनरेगा पर 86,000 करोड़ रुपये खर्च किए। यह सरकार के कुल खर्च का सिर्फ 1.3 फीसदी था। FY19 में सरकार के कुल खर्च में MGNREGA की हिस्सेदारी 2.1 फीसदी थी।
केंद्र सरकार की योजनाओं की हिस्सेदारी कुल खर्च में बढ़ी है
मनीकंट्रोल की पहले की एक स्टडी से यह भी पता चला था कि पिछले दशक में केंद्र सरकार के कुल खर्च में केंद्र सरकार की स्कीमों पर केंद्र के खर्च की हिस्सेदारी बढ़ी है। इसमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना जैसी स्कीमें हैं। इनमें सब्सडी और डारेक्ट ट्रांसफर का 100 फीसदी पैसा केंद्र सरकार की तरफ से खर्च किया जाता है। दूसरी तरफ, केंद्र सरकार की ऐसी स्कीमें जिनके खर्च में राज्यों की हिस्सेदारी है, उनकी केंद्र के कुल खर्च में हिस्सेदारी घटी है। MGNREGA इसका उदाहरण है।