Union Budget 2024: नौकरियां बढ़ाने के उपायों के साथ ही पूंजीगत खर्च पर रहेगा फोकस, मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट

Budget 2024 expectations: मॉर्गन स्टेनली ने कहा है कि सरकार को RBI से 1.1 लाख करोड़ रुपये का डिविडेंड मिला है। यह उम्मीद से ज्यादा है। इससे सरकार को पूंजीगत खर्च पर फोकस बनाए रखने में आसानी होगी। साथ ही वह वेल्फेयर स्कीम पर भी खर्च बढ़ा सकती है

अपडेटेड Jul 11, 2024 पर 3:52 PM
MODI 3.0 BUDGET 2024: मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट में कहा गया है कि मार्केट पर इस बात का भी असर पड़ेगा कि सरकार अलग-अलग सेक्टर के लिए खर्च का किस तरह का प्रस्ताव पेश करती है।

मॉर्गन स्टेनली ने कहा है कि इस महीने पेश होने वाले बजट में सरकार अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत करने पर फोकस करेगी। साथ ही पूंजीगत खर्च पर भी उसका जोर बना रहेगा। इससे रोजगार के मौके पैदा करने में मदद मिलेगी। वेल्फेयर स्कीम पर भी फोकस रहेगा। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि सरकार फिस्कल डेफिसिट के 5.1 फीसदी टारगेट को बनाए रखेगी। इससे फाइनेंशियल ईयर 2025-26 तक फिस्कल डेफिसिट का 4.5 फीसदी टारगेट हासिल करने में उसे आसानी होगी।

RBI से मिला उम्मीद से ज्यादा डिविडेंड

मॉर्गन स्टेनली ने कहा है कि सरकार को RBI से उम्मीद से ज्यादा डिविडेंड मिला है। इससे सरकार को पूंजीगत खर्च (Capital Expenditure) पर फोकस बनाए रखने में आसानी होगी। साथ ही वह वेल्फेयर स्कीम पर भी खर्च बढ़ा सकती है। टैक्स और नॉन-टैक्स रेवेन्यू बढ़ने से फिस्कल डेफिसिट (Fiscal Deficit) टारगेट से थोड़ा कम रहने की संभावना है। ब्रोकरेज फर्म ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस बजट का जोर पूंजीगत खर्च के जरिए नौकिरयों के मौके बढ़ाने, सोशल सेक्टर स्पेंडिंग और विकसित भारत प्लान पर होगा।


घट रहा है मार्केट पर बजट का असर

मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट में कहा गया है कि मार्केट पर बजट के असर में कमी आ रही है। हालांकि, मार्केट पर बजट का कितना असर पड़ेगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि बजट से मार्केट की कितनी उम्मीदें हैं। बजट से आने वाले उतारचढ़ाव और बजट के बाद के करेक्शन का सामना मार्केट कर सकता है। उसका मानना है कि मार्केट पर इस बात का असर पड़ेगा कि फिस्कल कंसॉलिडेशन पर सरकार का कितना फोकस रहता है।

कैपिटल गेंस टैक्स बढ़ने की उम्मीद नहीं

मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट में कहा गया है कि मार्केट पर इस बात का भी असर पड़ेगा कि सरकार अलग-अलग सेक्टर के लिए खर्च का किस तरह का प्रस्ताव पेश करती है। अगर शेयरों पर कैपिटल गेंस टैक्स के रेट में बदलाव किया जाता है तो मार्केट इस पर प्रतिक्रिया दिखा सकता है। हालांकि, ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि सरकार कैपिटल गेंस टैक्स में किसी तरह का बदलाव करेगी। अगर सरकार टैक्स में राहत के उपाय नहीं करती है तो मार्केट को हैरानी होगी।

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