Budget 2024: मोदी सरकार में सड़क निर्माण का 8 गुना बढ़ा बजट, फिर भी 9 में से 6 साल लक्ष्य से चूका मंत्रालय

भारत ने मोदी सरकार के तहत पिछले एक दशक में हर साल अपने बजट में सड़कों और हाईवे के लिए महत्वकांक्षी योजनाएं तय की। इस दौरान सड़कों के निर्माण की रफ्तार भी बढ़ी। हालांकि इसके बावजूद भारत पिछले 9 में से 6 साल सड़क और हाईवे निर्माण के अपने लक्ष्य से चूक गया

अपडेटेड Dec 25, 2023 पर 11:17 AM
Budget 2024: पिछले 10 सालों में करीब 54,860 किलोमीटर नेशनल हाईवे का निर्माण किया है

भारत ने मोदी सरकार के तहत पिछले एक दशक में हर साल अपने बजट में सड़कों और हाईवे के लिए महत्वकांक्षी योजनाएं तय की। इस दौरान सड़कों के निर्माण की रफ्तार भी बढ़ी। हालांकि इसके बावजूद भारत पिछले 9 में से 6 साल सड़क और हाईवे निर्माण के अपने लक्ष्य से चूक गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2022 को अपने बजट भाषण में कहा कि नेशनल हाईवे नेटवर्क में वित्त वर्ष 2023 में 25,000 किलोमीटर का विस्तार किया जाएगा। हालांकि बाद में सरकार ने साफ किया कि यह लक्ष्य वित्त वर्ष 2023 और वित्त वर्ष 2024 दोनों के लिए मिलाकर था।

इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए सरकार के पास अब बस करीब 3 महीने का समय बाकी है और उसे इस दौरान 8,500 किलोमीटर के रोड नेटवर्क जोड़ने की जरूरत है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत वित्त वर्ष 2024 में भी इस लक्ष्य से चूक सकता है।

रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवेज मिनिस्ट्री की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 10 सालों में विभाग के मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) और उनकी टीम ने करीब 54,860 किलोमीटर नेशनल हाईवे का निर्माण किया है।


पिछले 10 सालों में नेशनल हाईवे की लंबाई बढ़ी है। हालांकि इस दौरान हाईवे की लंबाई को मापने का तरीका भी बदल गया है। सरकार ने 2018 में हाईवे की लंबाई मापने के लिए 'लेन-किलोमीटर कॉन्सेप्ट' को लागू किया था। इसके तहत तैयार की प्रत्येक नई लेन की लंबाई मापी जाती है, जबकि इसके पहले हाईवे की कुल लंबाई का मापा जाता था।

यह भी पढ़ें- Budget 2024: सरकार जन औषधि के लिए करेगी खास ऐलान, आम लोगों को दवाइयां मिलेंगी 75% डिस्काउंट पर

इसे आप ऐसे समझें कि अगर 100 किलोमीटर के फोर-लेन हाईवे का निर्माण किया गया, तो पुरानी विधि के तहत इस 100 किलोमीटर हाईव जोड़ा जाएगा, जबकि नई विधि में लेन के आधार पर इसे 400 किमी (4 लेन x 100 किमी) लंबा हाईवे जोड़ा जाएगा।

रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवेज मिनिस्ट्री का बजट पिछले 10 सालों में करीब 8 गुना बढ़ा है। वित्त वर्ष 2013-14 के बजट में मंत्रालय को 34,345.2 हजार करोड़ रुपये आवंटित हुआ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़कर 2.70 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। दरअसल सड़क निर्माण की बेहतर क्वालिटी, जमीन अधिग्रहण की अधिक लागत और पिछले 2 सालों से NHAI को सरकार की ओर से अधिक फंडिंग दिए जाने के बजटीय आवंटन में बढ़ोतरी हुई है।

Budgetary Allocation MoRTH

NHAI के अनुमान के अनुसार, सड़क निर्माण की औसत लागत बढ़कर 2023 में 30 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर हो गई है, जो 2015 में 6 से 8 रुपये प्रति किलोमीटर था। हालांकि यात्रियों की संख्या और नए रूट बढ़ने के कारण टोल कलेक्शन भी इस दौरान बढ़ा है। वित्त वर्ष 2015 में टोटल टोल कलेक्शन 14,200 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2023 में बढ़कर 40,000 करोड़ रुपये बढ़ गया। वहीं NHAI का टोल कलेक्शन बढ़कर वित्त वर्ष 2024 में अभी तक 15,605 करोड़ रुपये रहा है, जो वित्त वर्ष 2015 में 4,136 करोड़ रुपये था।

NHAI Toll Collection

गडकरी को उम्मीद है कि 2023 तक देश का टोल कलेक्शन बढ़कर 1.3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। मंत्री ने दावा किया कि टोल प्लाजा पर वेटिंग समय 2023 में घटकर 47 सेंकेड पर आ गया, जो 2014 में 734 सेकंड था।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।