Budget 2024: समीर अरोड़ा ने कैपिटल गेंस टैक्स में बदलाव नहीं करने की सलाह दी, कहा-इससे मार्केट में अस्थिरता पैदा हो सकती है

Union Budget 2024-25: मशूहर हेज फंड इनवेस्टर समीर अरोड़ा का कहना है कि बजट में इनवेस्टर्स की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। ऐसा करने के गंभीर नतीजे हो सकते हैं। उन्होंने कैपिटल गेंस टैक्स में किसी तरह का बदलाव नहीं करने की सलाह दी

अपडेटेड Jul 10, 2024 पर 1:21 PM
Budget 2024 expectations: समीर अरोड़ा का मानना है कि सरकार को पॉलिसी के मामले में स्टैबिलिटी बनाए रखने की कोशिश करनी चाहिए।

स्टॉक मार्केट्स आम तौर पर बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, इकोनॉमिक ग्रोथ बढ़ाने वाले उपाय और पावर, डिफेंस, रेलवे के लिए ज्यादा ऐलोकेशन चाहता है। लेकिन, हेज फंड इनवेस्टर समीर अरोड़ा का कहना है कि बजट में इनवेस्टर्स की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके खराब नतीजे हो सकते हैं। उन्होंने इस बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया है। इसमें कैपिटल गेंस टैक्स को नहीं बढ़ाने की सलाह दी गई है।

इनवेस्टर्स की अनदेखी नहीं करने की सलाह

उन्होंने कहा है कि बजट में इनवेस्टर्स की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। इसके खराब नतीजें हो सकते हैं। उन्होंने पड़ोसी देश चीन का उदाहरण दिया है। दरअसल, बजट पेश होने की तारीख नजदीक आने के साथ कैपिटल गैंस टैक्स बढ़ने की चर्चा शुरू हो गई है। चर्चा है कि सरकार कैपिटल गेंस टैक्स का रेट बढ़ा सकती है या होल्डिंग पीरियड को एक साल से बढ़ाकर तीन साल कर सकती है।


बजट से पहले कैपिटल गेंस टैक्स में बदलाव की चर्चा

मशहूर निवेशक विजय केडिया ने सीएनबीसी-टीवी18 से बातचीत में कहा था कि उन्हें लगता है कि सरकार इस महीने पेश होने वाले बजट में कैपिटल गेंस टैक्स में बदलाव कर सकती है। अरोड़ा ने कहा कि चीन में सरकार ने वह सब कुछ किया है, जिसे इनवेस्टर्स पसंद करते हैं। इनमें जीडीपी की स्ट्रॉन्ग ग्रोथ, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर ज्यादा फोकस और जीवन स्तर में इजाफा के उपाय शामिल हैं। इसके बावजूद चीन के स्टॉक मार्केट का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है।

चीन के स्टॉक मार्केट का कमजोर प्रदर्शन

चीन ने 1978 में अपनी इकोनॉमी में रिफॉर्म शुरू किया था। उसके बाद से उसकी जीडीपी की ग्रोथ औसतन 9-10 फीसदी रही है। 2010 से 2010 के बीच चीन की जीडीपी करीब दोगुनी हो गई। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, डिफेंस में भारी निवेश के साथ लोगों के जीवन स्तर में सुधार का बड़ा हाथ था। इसके बावजूद चीन के स्टॉक मार्केट का प्रदर्शन ज्यादातर कमजोर रहा है। चीन ने टेक्नोलॉजी कंपनियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए। इससे नवंबर 2020 से इसकी बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों की वैल्यूएशन 1 लाख करोड़ डॉलर घटी है। चीन में 2030 में फॉरेन डायरेक्ट इनवेस्टमेंट गिरकर 30 साल के निचले स्तर पर आ गया।

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स्टॉक मार्केट के प्रदर्शन पर रहती हैं दुनिया की निगाहें

अरोड़ा ने कहा है, "किसी देश के बारे में राय बनाने और उसकी इकोनॉमी का अंदाजा लगाने के लिए दुनिया उसके स्टॉक मार्केट को देखती है। इससे FII, PE और FDI के रूप में निवेश आता है।" उन्होंने कहा कि चीन में सरकार ने बड़े इकोनॉमिक रिफॉर्म्स किए। लेकिन, उसके स्टॉक मार्केट के खराब प्रदर्शन से अच्छा संकेत नहीं गया। इससे इनवेस्टर्स और प्रमोटर्स के सेंटिमेंट पर असर पड़ा।

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सरकार को स्टैबिलिटी बनाए रखने की सलाह

अरोड़ा का सरकार की स्पष्ट सलाह है-स्टैबिलिटी जरूरी है। उन्होंने कैपिटल गेंस टैक्सेज में, रेट्स और नियमों में बदलाव नहीं करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि ऐसा करने से बाजार में अस्थिरता आ सकता है। उन्होंने कहा कि अगर सबकुछ ठीक चल रहा है तो उसमें बदलाव नहीं करना सबसे अच्छा है।

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