वित्त मंत्री पीयूष गोयल का पहला बजट। मौजूदा सरकार का आखिरी बजट। चुनाव से ठीक पहले का बजट। और वो भी अंतरिम बजट। वित्तमंत्री पीयूष गोयल के सामने चुनौती बड़ी थी। गांव, गरीब, किसान, जवान, मिडल क्लास और छोटे व्यापारियों को खुश करना और साथ साथ फिस्कल डिसिप्लिन यानी सरकारी घाटे को बेकाबू होने से बचाना। बजट भाषण सुनकर ऐसा लगता है कि वित्तमंत्री ने तलवार की धार पर चलने का कारनामा दिखा दिया है।
अंतरिम बजट की सीमाओं के बावजूद वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने एलानों की झड़ी लगा दी। क्रिकेट की भाषा में कहें तो चौके-छक्कों की बरसात कर दी। किसान, मजदूर, नौकरीपेशा मिडल क्लास से लेकर छोटे कारोबारियों को कुछ ना कुछ सौगात दी गई है। चुनाव के पहले मोदी सरकार ने बजट के जरिए वोटरों को साधने की कोशिश की है। इतनी कि कांग्रेस इसे वोट ऑन अकाउंट के बजाए अकाउंट फॉर वोट बता रही है। सवाल ये है कि क्या ये बजट मोदी सरकार के लिए वोट जुटा पाएगा?
वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने बजट भाषण के शुरुआत में ही अपना इरादा जता दिया था। अंत तक आते-आते बड़े एलानों के जो चौके-छक्के लगाए गए हैं, उसके बाद तो पीयूष गोयल मोदी सरकार के मास्टर ब्लास्टर बन गए। इस बजट को पूरी तरह से चुनावी बजट भी कहा जा सकता है। वित्त मंत्री ने किसान, मजदूर, नौकरीपेशा, घर खरीदार और छोटे कारोबारियों को खुश करने की पूरी कोशिश की है।
बजट में किसानों को सालाना 6 हजार रुपए तीन किस्तों में देने का एलान किया गया है। किसान सम्मान निधि योजना एक दिसंबर 2018 से लागू होगी और इसका फायदा दो हेक्टेयर से कम जमीन वालों को मिलेगा। इससे करीब 12 करोड़ किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
राहत की उम्मीद कर रहे नौकरीपेशा लोगों को भी बड़ी सौगात मिली है। इनकम टैक्स में कटौती के लिए सीएनबीसी-आवाज़ ने टैक्स घटाओ आंदोलन चलाया था। हमारी मुहिम रंग लाई और वित्त मंत्री ने सालाना 5 लाख रुपये तक की आय टैक्स फ्री कर दी है। स्टैंडर्ड डिडक्शन 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया है। सालाना 2 लाख 40 हजार रुपए तक हाउस रेंट पर भी टीडीएस नहीं कटेगा। एक घर बेचकर 2 घर लेने पर कैपिटल गेन्स टैक्स नहीं लगेगा।
सवाल है कि इस बजट ने कांग्रेस समेत दूसरी विपक्षी पार्टियों को बैकफुट पर ला दिया है? क्या मोदी का ये गेम प्लान लोकसभा चुनाव में गेमचेंजर साबित होगा? क्या वित्तीय घाटे का जो नंबर अभी बताया जा रहा है वो आगे जाकर बढ़ेगा? सवाल ये भी है कि क्या इस बजट की वजह से आप मोदी सरकार को वोट देंगे?