Crypto में कर रहे हैं निवेश तो अप्रैल 2022 से पहले हुए ट्रांजैक्शन नहीं होंगे टैक्स फ्री, जानिए पूरी डिटेल

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में क्रिप्टोकरेंसी या किसी भी वर्चुअल एसेट्स के ट्रांसफर पर होने वाली आय पर 30 फीसदी का टैक्स लगाने का प्रस्ताव किया है

अपडेटेड Feb 04, 2022 पर 10:55 AM
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट 2022-23 में क्रिप्टोकरेंसी से होने वाली कमाई को कर के दायरे में लाने का ऐलान किया

Central Board of Direct Taxes CBDT : सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (सीबीडीटी) ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि इस साल अप्रैल से पहले किए गए क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस (Crypto transactions) टैक्स फ्री नहीं होंगे, जैसा कि कुछ लोग समझ रहे हैं। सीबीडीटी के चेयरमैन जेबी महापात्रा (JB Mohapatra) ने कहा कि क्रिप्टो करंसी की टैक्सेबिलिटी इस वित्त वर्ष के लिए भी निश्चित है। एएनआई के मुताबिक, महापात्रा ने कहा, “क्रिप्टो इनवेस्टर्स को मालूम होना चाहिए कि अप्रैल, 2022 से पहले हुए ट्रांजैक्शंस टैक्स फ्री नहीं होंगे।”

वित्त मंत्री ने किया यह ऐलान

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को पेश आम बजट 2022-23 में क्रिप्टोकरेंसी और दूसरे वर्चुअल डिजिटल एसेट्स से होने वाली कमाई को बजट के दायरे में लाने का ऐलान किया। वित्त मंत्री ने कहा कि अब क्रिप्टोकरेंसी या किसी भी वर्चुअल एसेट्स के ट्रांसफर पर होने वाली आय पर 30 फीसदी का टैक्स लगेगा। बीते कुछ वर्षों में वर्चुअल डिजिटल असेट्स में ट्रांजैक्शंस काफी बढ़ गए हैं, इसलिए यह टैक्स उचित ही है।


वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक बात और स्पष्ट की कि अगर इस पर घाटा हुआ तो भी टैक्स देना होगा। वहीं एक निश्चित सीमा से अधिक के ट्रांजेक्शन पर टीडीएस भी लगाने का एलान किया गया है।

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बिटकॉइन, एथेरियम कभी नहीं होंगे लीगल टेंडर

फाइनेंस सेक्रेटरी टीवी सोमनाथन (TV Somanathan ) ने एक दिन पहले कहा था, बिटकॉइन, एथेरियम या NFT भारत में कभी भी लीगल टेंडर नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि आरबीआई द्वारा जारी डिजिटल रुपया लीगल टेंडर होगा।

उन्होंने कहा, “डिजिटल रुपये को आरबीआई का समर्थन हासिल होगा। पैसा आरबीआई का होगा, लेकिन इसका नेचर डिजिटल होगा। आरबीआई द्वारा जारी डिजिटल रुपया लीगल टेंडर होगा। हम उससे कोई भी नॉन डिजिटल असेट्स खरीद सकते हैं, जैसे हम वालेट या यूपीआई प्लेटफॉर्म के जरिए एक आइसक्रीम खरीदते हैं।” उन्होंने कहा, बाकी कुछ लीगल टेंडर नहीं है, न ही कभी लीगल टेंडर होगा।

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नुकसान के लिए सरकार जिम्मेदार नहीं

फाइनेंस सेक्रेटरी ने कहा, प्राइवेट क्रिप्टो में निवेश करने वाले लोगों को समझना चाहिए कि इस पर सरकार की मुहर नहीं लगी है। इसको लेकर कोई गारंटी नहीं है कि आपका निवेश सफल होगा या नहीं। अगर कोई अपना पैसा गंवाता है तो सरकार इसके लिए जिम्मेदार नहीं है।

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