Daily Voice: बजट 2023 में फिस्कल कंसॉलीडेशन पर रहेगा फोकस, डायरेक्ट टैक्स में हो सकते हैं कुछ बदलाव

HSBC MF को उम्मीद है कि सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने खर्च को जारी रखेगी। इसके अलावा PLI स्कीम, लॉजिस्टिक्स, रूरल डेवलपमेंट और रोजगार सृजन पर फोकस बनाए रखेगी। वर्तमान वित्त वर्ष में देश की GDP 7 फीसदी रहने की उम्मीद है

अपडेटेड Jan 16, 2023 पर 5:28 PM
मेटल शेयरों की चाल पर नजर रखने को लिए ग्लोबल डेवलपमेंट पर नजर रखें। रुख में किसी भी निगेटिव रुझान के संकेत मिलते ही ट्रोडरों को अपने लॉन्ग पोजीशन काटने के लिए तैयार रहना चाहिए

HSBC म्यूचुअल फंड (HSBC MF) के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर इक्विटी वेणुगोपाल मंघट (Venugopal Manghat) ने मनीकंट्रोल के साथ हुई बातचीत में कहा है कि बजट 2023 के लिए फिस्कल कंसॉलीडेशन एक बड़ी थीम रहेगी। HSBC MF को उम्मीद है कि सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर पर  खर्च जारी रखेगी। इसके अलावा PLI स्कीम, लॉजिस्टिक्स, रूरल डेवलपमेंट और रोजगार सृजन पर फोकस बनाए रखेगी।

आईटी शेयरों में रैली की संभावना सीमित

इक्विटी मैनेजमेंट का 27 साल से ज्यादा का अनुभव रखने वाले वेणुगोपाल मंघट का कहना है कि आईटी सेक्टर पर स्लो डाउन के प्रभाव को एनालिस्टों के अनुमान में अभी तक सही तरीके से शामिल नहीं किया जा सका है। जिसके चलते कैलेंडर वर्ष 2024 में हुई आईटी सेक्टर के आउटलुक पर कोई पक्का अनुमान लगाना मुश्किल होगा। आईटी सेक्टर का वैल्यूएशन अभी भी अपनी लंबी अवधि के औसत से ज्यादा है। ऐसे में आईटी शेयरों में किसी रैली की संभावना सीमित नजर आ रही है।


फिस्कल कंसॉलिडेशन काफी अहम थीम

बजट 2023 से क्या हैं उम्मीदें? इस पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि महामारी के बाद भारतीय इकोनॉमी में अच्छा बाउंस बैक देखने को मिला है। वर्तमान वित्त वर्ष में देश की GDP 7 फीसदी रहने की उम्मीद है। सरकार ने अब तक सारी जरूरी सपोर्ट उपलब्ध कराए हैं। जिसके चलते इकोनॉमी में उछाल आया है। हालांकि वित्तीय घाटे को नियंत्रित करने के लिए अब इनमें से कुछ सपोर्ट वापस लेने की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में हमारा मानना है कि बजट 2023 में फिजिकल कंसोलिडेशन काफी अहम थीम होगी।

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इस समय भारत में तमाम स्ट्रक्चरल थीम

2023 के लिए बेहतर इन्वेस्टमेंट थीम पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस समय भारत में तमाम स्ट्रक्चरल थीम नजर आ रही हैं। मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में काफी अच्छी संभावनाएं दिख रही हैं। ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में देश में नए निवेश होते नजर आ रहे हैं। इसके अलावा इंफ्रा सेक्टर पर सरकार की तरफ से हो रहा बड़ा निवेश इस सेक्टर को भी सुर्खियों में रखेगा। ऐसे में घरेलू इकोनॉमी पर आधारित सेक्टर जैसे बैंक और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर आगे निजी क्षेत्रों में बढ़ रहे निवेश से फायदे में रहेंगे।

इसके अलावा भारत एक बहुत बड़ी इकोनॉमी है। ऐसे में खपत पर आधारित शेयर लंबी अवधि के नजरिए से काफी अच्छा करते नजर आएंगे। हालांकि इस समय इनके वैल्यूएशन महंगे नजर आ रहे है। ऐसे में हमें खपत वाले चुनिंदा क्वालिटी शेयरों पर दांव लगाने की रणनीति अपनानी चाहिए।

 

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