बजट 2023: यूनियन बजट 2023 का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। इस बजट से हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को बहुत उम्मीद है। कोरोना की महामारी की होटल व्यवसाय पर बहुत बड़ी मार पड़ी थी। धीरे-धीरे इस सेक्टर की गाड़ी पटरी पर लौट रही है। लेकिन कोरोना से हुए नुकसान की भरपाई अभी नहीं हो पाई है। ऐसे होटल इंडस्ट्री का मानना है कि यूनियन बजट में सरकार इस सेक्टर की मदद के लिए उपायों का ऐलान कर सकती है। रॉयल ऑर्किड होटल्स के सीएफओ अमित जायसवाल (Amit Jaiswal, CFO, Royal Orchid Hotels) ने सीएनबीसी-आवाज़ से होटल इंडस्ट्री की उम्मीदों के बारे में बताया। आइए जानते हैं बजट से क्या हैं सेक्टर की उम्मीदें-
12 साल तक हो सेटऑफ का विकल्प
अमित जायसवाल ने कहा कि हॉस्पिटैलिटी सेक्टर का मानना है कि कारोबार में घाटे को 12 साल तक सेटऑफ का विकल्प मिलना चाहिए। इसका मतलब ये है कि सरकार से यह इंडस्ट्री सेटऑफ अवधि बढ़ाये जाने की उम्मीद कर रही है। अभी 8 साल तक घाटे को कैरी फॉरवर्ड करने की इजाजत दी जाती है।
लोन चुकाने के लिए ्जयादा वक्त दिया जाए
जायसवाल ने कहा कि होटल इंडस्ट्री सरकार से ECLGS (Emergency Credit Line Guarantee Scheme) लोन चुकाने की अवधि बढ़ाने की मांग कर रही है। इस समय ECLGS के तहत 6 साल में लोन चुकाना पड़ता है। जबकि इंडस्ट्री की सरकार से मांग है कि लोन चुकाने की अवधि इबढ़ाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सेक्टर चाहता है कि EPCG स्कीम की रियायतें और 10 साल के लिए बढ़नी चाहिए। ऐसा हुआ तो हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को काफी राहत मिलेगी।
सेक्टर को एक्सपोर्ट का दर्जा मिले
जायसवाल ने कहा कि हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को एक्सपोर्ट का दर्जा मिलना चाहिए। इसके साथ ही होटल इंडस्ट्री को इंफ्रास्ट्रक्चर का दर्जा देने की मांग भी सरकार से की गई है। इससे इस इंडस्ट्री की ग्रोथ तेज होगी। इसके अलावा विदेशी पर्यटक की कमाई को EPCG (Export Promotion Capital Goods Scheme) स्कीम में शामिल किया जाना चाहिए।