वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को कहा कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) से सरकार को 2.7 लाख करोड़ रुपये की बचत हुई है। आर्थिक सर्वेक्षण 2023 के मुताबिक डीबीटी ने केंद्रीय योजनाओं के लिए अब तक 26.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की धनराशि ट्रांसफर करने में मदद की है। भारत में डीबीटी को लागू किए जाने से समाज के वंचित वर्गों को सफलतापूर्वक सहायता प्रदान करने के लिए आईएमएफ और विश्व बैंक से भी प्रशंसा मिली है। पिछले 9 साल के जौरान इस दौरान डीबीटी में योजनाओं की संख्या में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है। डीबीटी सिस्टम में लीकेज को भी बंद करने में सफल रहा है।
डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (Direct Benefit Transfer (DBT)) से जनता के साथ- साथ सरकार को काफी फायदा हो रहा है। बता दें कि डीबीटी के जरिए सरकार पेंशन, एलपीजी की सब्सिडी के साथ अन्य प्रकार की सरकारी योजना में मिलने वाला फायदा सीधे लाभार्थियों तक पहुंचा रही है। पैसा सीधे आधार वेरिफाइड बैंक खाते में डाला जाता है। 2014 के बाद डीबीटी में योजनाएं जोड़ने के बाद सरकार टैक्सपेयर्स के 2.73 लाख करोड़ रुपये बचाने में सफल हुई है।
वित्त मंत्री ने अपने अंतरिम बजट 2024-25 में कहा कि पीएम फसल बीमा योजना के तहत चार करोड़ किसानों को फसल बीमा की सुविधा दी गई है। इससे किसानों को देश और दुनिया के लिए भोजन पैदा करने में सहायता मिलती है।