फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने बजट से पहले उद्योग और समाज के अन्य तबकों के प्रतिनिधियों के साथ सलाह-मशविरा की प्रक्रिया पूरी कर ली है। सीतारमण और वित्त मंत्रालय के कुछ अन्य अधिकारियों ने ट्रेड यूनियन और किसान संगठनों समेत तमाम संबंधित पक्षों से कई दौर की बातचीत की है। इसका मकसद एनडीए सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले बजट में अलग-अलग सेक्टरों और वर्गों के लिए रोडमैप तैयार करना है।
खबरों के मुताबिक, सीतारमण को अपने सहयोगी दलों मसलन चंद्रबाबू की पार्टी टीडीपी और नीतीश कुमार की जेडी(यू) से मांगों की लिस्ट मिली है। फाइनेंस मिनिस्ट्री ने की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि 10 समूहों के 120 प्रतिनिधियों ने इस बैठक में हिस्सा लिया। इनमें किसान संगठन, ट्रेड यूनियन, एजुकेशन और हेल्थ सेक्टर, रोजगार और कौशल विकास, MSME, ट्रेड और सर्विसेज, इंडस्ट्री, फाइनेंशियल सेक्टर और शेयर बाजार के अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी और अर्बन सेक्टर के प्रतिनिधि भी शामिल थे।
बैठक में इन अधिकारियों ने हिस्सा लिया
बैठक में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इन लोगों में फाइनेंस सेक्रेटरी एंड एक्सपेंडिचर सेक्रेटरी- डॉ. टी. वी. सोमनाथन, आर्थिक मामलों के सचिव- अजय सेठ, DIPAM सेक्रेटरी -तुहिन कांत पांडे, सेक्रेटरी ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज -विवेक जोशी, सेक्रेटरी ऑफ रेवेन्यू- संजय मल्होत्रा, कॉरपोरेट मामलों के सचिव -मनोज गोविल, मुख्य आर्थिक सलाहकार -डॉ. वी. अनंथा नागेश्वरन, वित्त मंत्रालय और संबंधित मंत्रालयों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
इस सलाह के दौरान, केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने सभी प्रतिभागियों के प्रति उनके अमूल्य योगदान के लिए आभार जताया। उन्होंने आश्वासन दिया कि केंद्रीय बजट 2024-25 की तैयारी में उनके सुझावों पर सावधानीपूर्वक विचार किया जाएगा।