Interim Budget 2024 : वित्तमंत्री Nirmala Sitharaman 1 फरवरी को अंतरिम बजट में फूड सब्सिडी के लिए आवंटन बढ़ा सकती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगले वित्त वर्ष यानी 2024-25 के लिए 2.2 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया जा सकता है। सरकार अनाजों के न्यूननतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को देखते हुए आवंटन बढ़ाएगी। सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को और पांच साल के लिए बढ़ा दिया है। इस स्कीम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को सरकार की तरफ से मुफ्त में खाद्यान्न दिया जाता है। इस योजना पर पांच साल में 11 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च आएगा। इस योजना के लिए सरकार को हर साल 4.8 करोड़ टन अनाज खरीदना होगा।
इस वित्त वर्ष में 1.97 लाख करोड़ का आवंटन
मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि इस वित्त वर्ष के दौरान फूड सब्सिडी पर खर्च 2 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया है। वित्त वर्ष 2023-24 के बजट में सरकार ने फूड सब्सिडी के लिए 1.97 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया था। यह एक साल पहले के आवंटन के मुकाबले कम था। वित्त वर्ष 2023-24 में सब्सिडी पर सरकार का कुल खर्च 4.03 लाख रुपये रहने का अनुमान लगाया गया था। यह वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान सब्सिडी पर 5.62 लाख करोड़ रुपये के खर्च से कम था।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना बढ़ाई गई
इस वित्त वर्ष में सब्सिडी पर होने वाले कुल खर्च में फूड और फर्टिलाइजर्स प्रोग्राम की सबसे बड़ी हिस्सेदारी है। 1 फरवरी, 2023 को पेश बजट में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने फूड के लिए 1.97 लाख करोड़ रुपये और फर्टिलाइजर सब्सिडी के लिए 1.75 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया था। फ्यूल सब्सिडी के लिए 2,257.09 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था। यह पैसा गरीब लोगों को गैस कनेक्शंस देने और रसोई गैस कम कीमत पर ग्राहकों को उपलब्ध कराने पर खर्च होता है।
उज्ज्वला योजना के तहत भी सहायता बढ़ाई गई
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगले वित्त वर्ष में फूड सब्सिडी बिल ज्यादा रहेगा। इसकी वजह यह है कि सरकार ने नवंबर 2023 में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना पांच साल के लिए बढ़ा दी है। इसका मतलब है कि यह योजना अब 31 दिसंबर 2028 तक लागू रहेगी। इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर 81.35 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज सरकार की तरफ से दिया जाता है। इस साल फ्यूल सब्सिडी भी ज्यादा रहने की उम्मीद है, क्योंकि सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत सहायता राशि बढ़ा दी है।