Jerome Powell : आसानी से पैसा कमाने का वक्त चला गया है। गुरुवार को ट्रेडिंग के कुछ मिनटों के भीतर ही इनवेस्टर्स की 4 लाख करोड़ रुपये की रकम डूब गई। पूर्वाह्न 11 बजे तक, बीएसई में लिस्टेड कंपनियों की मार्केट वैल्यू 4.01 लाख करोड़ रुपये घटकर 258.77 लाख करोड़ रुपये रह गई, जो मंगलवार को 262.78 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर थी।
“अस्थायी” था सेंट्रल बैंक्स का नरम रुख
ग्लोबल स्टॉक्स की अच्छी वैल्युएशन आंशिक रूप से सेंट्रल बैंक्स के नरम पॉलिसी स्टैंस पर आधारित थी। इसमें पिछले कई महीनों से लगातार महंगाई में बढ़ोतरी के फैक्ट को नजरंदाज किया गया और सेंट्रल बैंक्स के नरम रख कभी भी “अस्थायी” नहीं माना गया। यूएस फेड की कमेंट्री में इस बात को स्वीकार किया गया है।
फेड चेयरमैन ने बाजार को चौंकाया
फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल (Jerome Powell) की सख्त कमेंट्री ने बाजार को आश्चर्यचकित कर दिया है, ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इस साल दरों में चार या पांच बढ़ोतरी होंगी। महज दो दिन पहले, बाजार तीन बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहा था। डॉलर में मजबूती और फॉरेन फंड के आउटफ्लो का डर घरेलू बाजार पर भी हावी हो गया। साथ ही बजट और राज्य के चुनावों से पहले ट्रेडर्स ने फ्यूचर्स एंड ऑप्शन एक्सपायरी के दिन अपनी पोजिशन घटानी शुरू कर दीं।
प्रेस के चार से ज्यादा रेट हाइक के सवाल पर, पॉवेल ने कहा कि इसका ऑप्शन बंद नहीं है। यानी ज्यादा रेट हाइक के विकल्प खुले हुए हैं।
बॉन्ड मार्केट में जारी रहेगी हलचल
इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट में मैक्रो इनवेस्टर एंड एडवाइजर के मनीष डांगी ने कहा, “अब तय है कि बॉन्ड मार्केट में हलचल आगे जारी रहेगी। जब इकोनॉमिक डाटा सुस्त होने लगते हैं, तो नए फैसले होते हैं और अब फेड की अगली कोशिश महंगाई को काबू में करना है। यह सेट अप डॉलर के लिए अच्छा, बॉन्ड के लिए खराब, इक्विटीज के लिए खराब और वास्तव में इमर्जिंग मार्केट करंसीज के लिए खराब है।”
क्या इनवेस्टर्स को होना चाहिए चिंतित
एडलवीज सिक्योरिटीज के आदित्य नारायणन ने कहा, इसे देखने को दो तरीके हैं। नारायण ने कहा, “पहला रोजाना के आधार पर रिएक्ट करना, जो इस समस बाजार के मामले में हो रहा है। दूसरा बैठकर बताया जाए कि अगले 6 से 12 महीनों से बाजारों के लिए क्या जोखिम है और बाजार के लिए कितनी अपसाइड है।”
जल्दबाजी में रिएक्ट करना सही नहीं
उन्होंने कहा, “हमारी राय में, इस साल बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। हमारा इस साल के अंत तक के लिए निफ्टी50 पर 18,000 का टारगेट है और अगर आपक बाजार को नीचे जाता देखते हैं तो इसका मतलब है कि यह आकर्षक बन रहा है। यदि इसमें उछाल आता है तो आपको संभलने की जरूरत है। मैं इसे तात्कालिक रूप से देखकर रिएक्ट नहीं करने जा रहा। मुझे नहीं लगता कि यह साल मुश्किल होने जा रहा है।”