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Pre-Budget CEO Poll: ज्यादातर सीईओ को जीडीपी ग्रोथ 8-9% रहने की उम्मीद

23 फीसदी सीईओ को कोरोना की एक और लहर आने का डर है। 14 फीसदी सीईओ को डिमांड कम होने की आशंका है। 11 फीसदी ने कहा कि उन्हें आने वाले समय में लिक्विडी घटने की चिंता सता रही है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 21, 2022 पर 7:33 PM
Pre-Budget CEO Poll: ज्यादातर सीईओ को जीडीपी ग्रोथ 8-9% रहने की उम्मीद
इन्वेस्टमेंट के प्लान के बारे में पूछने पर 51 फीसदी सीईओ ने कहा कि वे साल 2022 में पूंजीगत विस्तार करेंगे। 26 फीसदी सीईओ ने कहा कि वे इस बारे में फैसला लेने के लिए और 6 महीने तक इंतजार करना चाहेंगे।

यूनियन बजट (Union Budget 2022) पेश होने में 10 दिन का समय बचा है। यह कोरोना की महामारी के बीच आने वाला तीसरा बजट है। इस बजट से अर्थव्यवस्था (Indian Economy) के सभी सेक्टर्स को बहुत उम्मीदें हैं। यह बजट के बाद ही पता चलेगा कि इनमें से कितनी उम्मीदें पूरी होती हैं। लेकिन, बजट से पहले इंडस्ट्री का मूड जानने के लिए सीएनबीसी-टीवी18 ने उद्योग चैंबर सीआईआई (CII) के साथ मिलकर करीब 300 सीईओ के बीच सर्वे किया। आइए इस सर्वे की मुख्य बातें जानते हैं।

सर्वे में शामिल 52 फीसदी सीईओ छोटी कंपनियों के थे, जिनका सालाना टर्नओवर 100 करोड़ रुपये से कम है। 46 फीसदी सीईओ का मानना है कि इकोनॉमिक रिकवरी (Economic Recovery) अब तक उनकी उम्मीद के मुताबिक रही है। सिर्फ 22 फीसदी सीईओ ने कहा कि यह उम्मीद के मुकाबले कम रही है। इकोनॉमिक रिकवरी के लिए सबसे बड़ा खतरा के बारे में पूछे जाने पर 52 फीसदी सीईओ का जवाब बढ़ती इनपुट कॉस्ट था।

23 फीसदी सीईओ को कोरोना की एक और लहर आने का डर है। 14 फीसदी सीईओ को डिमांड कम होने की आशंका है। 11 फीसदी ने कहा कि उन्हें आने वाले समय में लिक्विडी घटने की चिंता सता रही है। 55 फीसदी मानते हैं कि डिमांड कोरोना-पूर्व के स्तर पर पहुंच गया है। हालांकि, 26 फीसदी सीईओ ने कहा कि डिमांड अब भी कोरोना-पूर्व के स्तर से कम है। ज्यादातर सीईओ ने इस वित्त वर्ष में जीडीपी ग्रोथ 8 से 9 फीसदी रहने की उम्मीद जताई।

इन्वेस्टमेंट के प्लान के बारे में पूछने पर 51 फीसदी सीईओ ने कहा कि वे साल 2022 में पूंजीगत विस्तार करेंगे। 26 फीसदी सीईओ ने कहा कि वे इस बारे में फैसला लेने के लिए और 6 महीने तक इंतजार करना चाहेंगे। हायरिंग के बारे में 52 फीसदी सीईओ ने कहा कि वे देखो और इंतजार करो की पॉलिसी अपनाना चाहते हैं। करीब 62 फीसदी सीईओ ने सरकार की पीएलआई स्कीम को पॉलिसी के मामले में सबसे बड़ा फैसला बताया।

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