Union Budget 2023 बनाने की प्रक्रिया 10 अक्टूबर से शुरू हो जाएगी

अगले साल का बजट 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले अंतिम पूर्ण बजट होगा। 2024 में अप्रैल-मई में लोकसभा चुनाव होने की उम्मीद है। इलेक्शंस वाले साल में सरकार पूर्ण बजट पेश करने की जगह वोट ऑन अकाउंट पेश करती है

अपडेटेड Sep 08, 2022 पर 10:59 AM
Union Budget 2023 केंद्र की नरेंद्र मोदी की सरकार के दूसरे कार्यकाल का पांचवां बजट होगा। सीतारमण का भी यह पांचवां बजट होगा।

Union Budget 2023 बनाने की प्रक्रिया 10 अक्टूबर से शुरू हो जाएगी। अगले साल 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) बजट पेश करेंगी। यह केंद्र की नरेंद्र मोदी की सरकार के दूसरे कार्यकाल का पांचवां बजट होगा। सीतारमण का भी यह पांचवां बजट होगा।

अगले साल का बजट 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले अंतिम पूर्ण बजट होगा। 2024 में अप्रैल-मई में लोकसभा चुनाव होने की उम्मीद है। इलेक्शंस वाले साल में सरकार पूर्ण बजट पेश करने की जगह वोट ऑन अकाउंट पेश करती है। इसमें कुछ महीनों के खर्च के लिए सरकार संसद की मंजूरी हासिल करती है।

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फाइनेंस मिनिस्ट्री के बजट डिविजन ने अगले साल पेश होने वाले बजट की तैयारी के बारे में एक नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके मुताबिक, बजट से पहले होने वाली मीटिंग्स और रिवाइज्ड एस्टिमेट्स पर चर्चा के लिए मीटिंग्स का सिलसिला 10 अक्टूबर, 2022 से शुरू हो जाएगा।

फाइनेंशियल एडवाइजर्स को बजटरी एस्टिमेट्स और डिमांड फॉर ग्रांट्स से जुड़े सभी डिटेल की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। सभी प्री-बजट कंसल्टेशन में इनकी जरूरत पड़ेगी। इस नोटिफिकेशंस में कहा गया है, "प्री-बजट मीटिंग्स की अध्यक्षता सेक्रेटरी (एक्सपेंडिचर) करेंगे, जिसकी शुरुआत 10 अक्टूबर, 2022 से हो जाएगी।" यह नोटिफिकेशंस 6 सितंबर को जारी किया गया।

सभी केंद्रशासित प्रदेशों के फाइनेंस सेक्रेटरीज को भी सभी स्कीमों के आवंटन का ब्रेक-अप बताने वाले स्टेटमेंट तैयार करने को कहा गया है। इन्हें केंद्रीय गृह मंत्रालय को उपलब्ध कराना होगा। प्री-बजट मीटिंग्स पूरे होने के बाद 2023-24 के बजट एस्टिमेट्स को अंतिम रूप दिया जाएगा। रिवाइज्ड एस्टिमेट्स की मीटिंग्स इस साल नवंबर तक जारी रहेगी।

इस फाइनेंशियल ईयर के बजट में रियल टर्म्स में जीडीपी ग्रोथ करीब 7-7.5 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया है, जबकि फिस्कल डेफिसिट जीडीपी का 6.4 फीसदी रहने की उम्मीद जताई गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने फरवरी के अंत में बजट पेश करने की ब्रिटिश राज की परंपरा को खत्म कर दिया था। पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 1 फरवरी, 2017 को पहली बार नई व्यवस्था का बजट पेश किया था।

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