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Union Budget 2023: फाइनेंशियल ईयर 2022-23 में 7% रह सकती है GDP ग्रोथ, स्टैटिस्टिक्स मिनिस्ट्री का अनुमान

Union Budget 2023: स्टैटिस्टिक्स मिनिस्ट्री ने कहा है कि रियल जीडीपी इस फाइनेंशियल ईयर में 157.60 लाख करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है। पिछले फाइनेंशियल ईयर यानी 2021-22 के दौरान जीडीपी का प्रोविजनल अनुमान 147.36 लाख करोड़ रुपये है

Curated By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Jan 07, 2023 पर 11:36 AM
Union Budget 2023: फाइनेंशियल ईयर 2022-23 में 7% रह सकती है GDP ग्रोथ, स्टैटिस्टिक्स मिनिस्ट्री का अनुमान
इस फाइनेंशियल ईयर में प्राइवेट कंजम्प्शन की ग्रोथ 7.7 फीसदी रहने का अनुमान है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में यह 7.9 फीसदी थी।

Union Budget 2023: इस फाइनेंशियल ईयर (2022-23) में इंडिया की जीडीपी ग्रोथ 7 फीसदी रहने का अनुमान है। स्टैटिस्टिक्स मिनिस्ट्री ने शुक्रवार (6 जनवरी) को यह अनुमान व्यक्त किया है। फाइनेंशियल ईयर 2021-22 में जीडीपी ग्रोथ 8.7 फीसदी थी। मिनिस्ट्री ने कहा है कि इस फाइनेंशियल ईयर में इंडिया की नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ 15.4 फीसदी रहने का अनुमान है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में यह 19.5 फीसदी थी। इस फाइनेंशियल ईयर में ग्रॉस वैल्यू ऐडेड 6.7 फीसदी रहने का अनुमान है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में यह 8.1 फीसदी थी। मिनिस्ट्री ने कहा है, "रियल जीडीपी इस फाइनेंशियल ईयर में 157.60 लाख करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है। फाइनेंशियल ईयर 2021-22 के दौरान जीडीपी का प्रोविजनल अनुमान 147.36 लाख करोड़ रुपये है।"

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ घटने का अनुमान

मिनिस्ट्री ने कहा है कि इस फाइनेंशियल ईयर में रियल जीडीपी की ग्रोथ 7 फीसदी रह सकती है। जीवीए के लिहाज से सर्विसेज सेक्टर की ग्रोथ 13.7 फीसदी रहने का अनुमान है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में यह 11.1 फीसदी थी। हालांकि, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के उत्पादन की ग्रोथ घटने का अनुमान है। इसके इस फाइनेंशियल ईयर में घटकर 1.6 फीसदी रहने का अनुमान है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में यह 9.9 फीसदी थी।

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