Union Budget 2023: बीते सालों में कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) के मामले में सरकार के रुख में बड़ा बदलाव आया है। खासकर कोरोना की महामारी शुरू होने के बाद सरकार ने बजट में कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए आवंटन काफी बढ़ाया है। इसकी कुछ खास वजहें रही हैं। लेकिन, एक बात तय है कि इससे इकोनॉमी को बहुत फायदा हुआ है। जब अमेरिका, इंग्लैंड और यूरोप की इकोनॉमी पर मंदी का खतरा मंडरा रहा है तब इंडियन इकोनॉमी की ग्रोथ दुनिया में सबसे ज्यादा है। उम्मीद है कि अगले यूनियन बजट में भी कैपिटल एक्सपेंडिचर पर सरकार का फोकस बना रहेगा। फाइनेंस मिनिस्चर निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को यूनियन बजट पेश करेंगी।
