Union Budget 2023 : एनबीएफसी (NBFCs) कंपनियां आम बजट 2023 से गोल्ड लोन (gold loans) की शर्तों और अफोर्डेबिल हाउसिंग सेगमेंट से जुड़ी लेंडिंग पर कुछ राहत मिलने की उम्मीद कर रही हैं। एनबीएफसी को बैंकों और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (HFC) के समान स्थिति में लाने के लिए सिक्योरिटाइजेशन एंड रिकंस्ट्रक्शन ऑफ फाइनेंशियल एसेट्स एंड एनफोर्समेंट ऑफ सिक्योरिटी इंटरेस्ट (SARFAESI) अधिनियम को लागू करने की सीमा को कम करने की आवश्यकता है। श्रीराम फाइनेंस के एमडी और सीईओ वाईएस चक्रवर्ती (YS Chakravarti) ने मनीकंट्रोल को दिए खास इंटरव्यू में ये बातें कहीं।
एमएसएमई सेक्टर पर रहेगा जोर
चक्रवर्ती ने कहा, कंपनी की बिजनेस स्ट्रैटजी हमारी फाइनेंशियल सर्विसेज के इर्दगिर्द बनी रहेगी और हम अपने 3,600 से ज्यादा आउटलेट्स के जरिये कस्टमर्स को वन-स्टॉप फाइनेंशियल सॉल्युशंस देंगे। अगले साल हमें कारोबार की नई संभावनाएं और अवसर मिलेंगे, क्योंकि मर्जर से नए क्षेत्रों के साथ एक नया कस्टमर बेस मिलेगा। हालांकि, कंपनी का मुख्य जोर एमएसएमई सेक्टर पर बना रहेगा।
उन्होंने वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी की लोन बुक 15 फीसदी बढ़ने का अनुमान जाहिर किया।
बजट से उम्मीदों पर वाईएस चक्रवर्ती ने कहा, NBFC की विशलिस्ट मुख्य रूप से दो बातों- ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए नए उपायों और लेंडिंग में कुछ राहत- के इर्दगिर्द केंद्रित है। पहला, फिनटेक कंपनियां ज्यादा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस चाहती हैं, जिससे को-लेंडिंग मॉडल के जरिये बैंकों के साथ भागीदारी बढ़ाई जा सके। दूसरा, अफोर्डेबल हाउसिंग फाइनेंसर संभवतः क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी स्कीम (CLSS) को वापस लाने की वकालत करेंगे।
सिक्योर्ड रिटेल लेंडिंग पर रहे जोर
चक्रवर्ती ने कहा, बजट में सरकार का जोर मुख्य रूप से सेक्टर में सिक्योर्ड रिटेल लेंडिंग पर रहना चाहिए। ऐसे में गोल्ड लोन और अफोर्डेबिल हाउसिंग लोन सेगमेंट्स के लिए बजट में कुछ उपाय हो सकते हैं। इसके अलावा, एमएसएमई को फाइनेंसिंग सपोर्ट के लिए कुछ कदमों का ऐलान किया जा सकता है।
क्या एफडी पर बढ़ेगी ब्याज दर
एफडी रेट पर चक्रवर्ती ने कहा कि अगर रेपो रेट साइकिल को देखें तो अगर आरबीआई अभी 25 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी करता है तो इसमें कोई बदलाव नहीं होगा। दरअसल, बैंकों के साथ-साथ एनबीएफसी के फिक्स्ड डिपॉजिट रेट पहले ही अपने पीक पर पहुंच चुके हैं।