Union Budget 2023: ग्रोथ और मैन्युफैक्चरिंग पर रहेगा यूनियन बजट का फोकस, ग्रीन पोर्टफोलियो के दिवम शर्मा का अनुमान

Union Budget 2023 : दिवम शर्मा ने कहा कि अगर इंडिया को मैन्युफैक्चरिंग के मामले में चीन का विकल्प बनना है तो इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाना होगा। सड़क, बंदरगाह, रेलवे सहित सभी तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर को सरकार को अपनी प्राथामिकता में शामिल करना होगा

अपडेटेड Jan 14, 2023 पर 2:20 PM
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी को यूनियन बजट पेश करेंगी। यह अगले साल लोकसभा चुनावों से पहले केंद्र की मोदी सरकार का आखिरी पूर्ण बजट होगा।

Union Budget 2023: यूनियन बजट 2023 (Budget 2023) इकोनॉमिक ग्रोथ को बढ़ावा देने वाला बजट होगा। इसमें सबसे ज्यादा फोकस मैन्युफैक्चरिंग पर होगा। ग्रीन पोर्टफोलियो के दिवम शर्मा यह उम्मीद जताई है। मनीकंट्रोल से बातचीत में उन्होंने 1 फरवरी को पेश होने वाले यूनियन बजट के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर सरकार की प्राथमिकता में होना चाहिए। अगर इंडिया को मैन्युफैक्चरिंग में चीन का विकल्प बनना है तो सरकार को एनर्जी, लॉजिस्टिक्स, सड़क, रेलवे और बंदरगाहों पर ज्यादा ध्यान देना होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी को यूनियन बजट पेश करेंगी। यह अगले साल लोकसभा चुनावों से पहले केंद्र की मोदी सरकार का आखिरी पूर्ण बजट होगा।

शर्मा ने कहा कि इस बजट के रेगुलर प्री-इलेक्शन बजट रहने की उम्मीद है। इसमें मैन्युफैक्चरिंग और लोगों पर खर्च बढ़ाने पर सरकार का जोर होगा। पिछले बजट में पूंजीगत खर्च और ग्रोथ पर सरकार का फोकस बने रहने की उम्मीद है। मेक इन इंडिया, PLI स्कीम और सरकार के कई ऐलानों के बावजूद GDP में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की हिस्सेदारी 15 फीसदी से कम बनी हुई है। सरकार को इस बात का अहसास है। इसलिए इस बजट का फोकस मैन्युफैक्चरिंग पर होने की उम्मीद है। इंफ्रास्ट्रक्चर क्रिएशन भी सरकार की प्राथमिकता में होगा।

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उन्होंने कहा कि अगर इंडिया को दुनिया में चीन का विकल्प बनना है तो एनर्जी, लॉजिस्टिक्स, सड़क, रेलवे और बंदरगाहों को बेहतर बनाने पर सरकार को फोकस करना होगा। इससे कंपनियों का पूंजीगत खर्च बढ़ेगा। इससे इकोनॉमिक ग्रोथ को भी सपोर्ट मिलेगा। सरकार को बजट में इकोनॉमिक ग्रोथ बढ़ाने के उपायों पर भी फोकस करना होगा। दुनिया में जब अमेरिका, इंग्लैंड और यूरोप की इकोनॉमी पर मंदी का खतरा मंडरा रहा है तब इंडियन इकोनॉमी की ग्रोथ अच्छी बनी हुई है।

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शेयर बाजारों के बारे में उन्होंने कहा कि 5 फीसदी की गिरावट आ सकती है। हमारे पोर्टफोलियो के कई शेयरों की कीमतें बजट से पहले बढ़ी हैं। अगर इतिहास को देखा जाए तो पिछले 5 बार में से 4 बार हमने बजट के बाद मार्केट में गिरावट देखी है। जब तक क्रूड ऑयल की कीमत 100 डॉलर से नीचे बनी हुई है तब तक बाजार में बड़ी गिरावट की उम्मीद नही है। यह बाजार को लेकर छोटी अवधि का अनुमान है। हालांकि, इसे लेकर बहुत चिंता की बात नहीं है।

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