Union Budget 2023: निर्मला सीतारमण ने ये मांगें मान लीं तो सातवें आसमान पर होगी इंडियन स्पेस इंडस्ट्री

Union Budget 2023: पिछले बजट में In-Space के लिए 33 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था। इस बार स्पेस से जुड़े स्टार्टअप्स का मानना है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतामरण 100 करोड़ रुपये का आवंटन यूनियन बजट 2023 में कर सकती हैं। इससे स्पेस इंडस्ट्री नई ऊंचाई हासिल करेगी

अपडेटेड Dec 13, 2022 पर 1:41 PM
In-Space के लिए बजट में आवंटन बढ़ने से प्राइवेट कंपनियों को अपनी गतिविधियां बढ़ाने में मदद मिलेगी। पिछले कुछ सालों में अंतरिक्ष के क्षेत्र में कई स्टार्टअप्स आए हैं।

Union Budget 2023: अंतरिक्ष (Space) से जुड़े स्टार्टअप्स को अगले यूनियन बजट (Budget 2023) से बहुत उम्मीदें हैं। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी, 2023 को यूनियन बजट पेश करेंगी। स्पेस स्टार्टअप्स का मानना है कि यूनियन बजट में नेशनल स्पेस प्रमोशन एंड अथॉराइजेशन सेंटर (IN-Space) के लिए आवंटन बढ़ाया जा सकता है। In-Space सरकार की संस्था है, जो अंतरिक्ष से जुड़ी सभी सरकारी और निजी कंपनियों के लिए गाइडलाइंस बनाती है। In-Space के लिए बजट में आवंटन बढ़ने से प्राइवेट कंपनियों को अपनी गतिविधियां बढ़ाने में मदद मिलेगी। पिछले कुछ सालों में अंतरिक्ष के क्षेत्र में कई स्टार्टअप्स आए हैं। उन्हें अपने कामकाज के विस्तार के लिए सरकार की मदद की जरूरत है।

पिछले बजट में In-Space को 33 करोड़ रुपये का आवंटन

Skyroot Aerospace के को-फाउंडर पवन कुमार चांदना ने कहा कि एक प्राइवेट कंपनी के रूप में हम उम्मीद करते हैं कि सरकार बजट में In-Space के लिए आवंटन बढ़ाएगी। इससे कॉमन टेस्टिंग फैसिलिटी की मदद से इंडस्ट्री को काफी बढ़ावा मिलेगा। Dhruv Space के हेड (स्ट्रेटेजी एंड स्पेशल प्रोजेक्ट्स) के क्रांति चांद ने बताया कि पिछले बजट में In-Space के लिए 33 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था।


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अंतरिक्ष क्षेत्र की निजी कंपनियों को सरकारी मदद की जरूरत

चांद ने कहा, "हमारा मानना है कि सरकार अंतरिक्ष सेक्टर में टेक्नोलॉजी और बिजनेस डेवलपमेंट के स्तर पर सपोर्ट कर रही है। फाइनेंशियल ईयर 2023-24 के यूनियन बजट में हम सरकार से 100 करोड़ रुपये का वायबिलिटी गैप फंड (VGP) जारी करने की गुजारिश करते हैं। इससे नए इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में मदद मिलेगी।" VGP से पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) के प्रोजक्ट्स को पूंजी की सहायता मिलती है। इससे इस सेक्टर में काम करने वाली प्राइवेट कंपनियों को बहुत मदद मिलती है।

In-Space का आवंटन बढ़ाना क्यों जरूरी है?

IN-Space का रोल स्पेस इंडस्ट्री के लिए बहुत अहम हो गया है। शुरुआत के कुछ ही सालों में इसने अपनी उपयोगिता साबित कर दी है। यह इजिंग कम्युनिकेशन, इंटिग्रेशन और परमिशन से संबंधित जटिलताओं के लिए सबसे बड़ी संस्था है। यह सरकार और प्राइवेट कंपनियों के लिए एक पुल का काम करती है। चांद ने कहा कि हम उपर्युक्त मांग के अलावा Defence Space Agency (DSA) के लिए 1,000 करोड़ रुपये का आवंटन बजट में चाहते हैं। इससे नई टेक्नोलॉजी हासिल करने में हमें मदद मिलेगी। DSA भारतीय सशस्त्र बलों के लिए एक Tri-Service एजेंसी है।

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