Union Budget 2023: वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2023 को बजट पेश करेंगी। केंद्रीय बजट से अपनी उम्मीदों का पिटारा सभी इंडस्ट्री, कारोबारी, टैक्सपेयर्स, आम जनता और सरकारी कर्मचारियी भी अलग-अलग माध्यमों से निर्मला सीतारमण को भेज रहे हैं। कोविड के बाद और अब नई लहर आने की आशंकाओं के बीच सभी लोग सरकार के उम्मीद कर रहे हैं कि ऐसा बजट आए जिससे हाथ आने वाली इनकम बढ़े जिससे सेविंग और इनवेस्टमेंट बढ़ानें में लोगों को मदद मिले। सरकारी कर्मचारियों के मन में यही सवाल कि क्या इस बार बजट में केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन को बढ़ाया जाएगा। क्या वित्तमंत्री फिटमेंट फैक्टर को बजट में हरी झंडी देंगी?
बजट में हो सकता है फिटमेंट फैक्टर में फैसला
ऐसी उम्मीद है कि बजट 2023 में फिटमेंट फैक्टर पर फैसला हो सकता है। इस बार उम्मीद है कि कैबिनेट से मंजूरी मिलने पर फिटमेंट फैक्टर को बजट के खर्च में शामिल कर लिया जाएगा। केंद्र सरकार फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाती है तो सरकारी कर्मचारियों के वेतन में बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। केंद्रीय कर्मचारियों के हाथ में आने वाली सैलरी बढ़ जाएगी।
फिटमेंट फैक्टर तय करता है सरकारी कर्मचारियों की सैलरी
फिटमेंट फैक्टर केंद्र सरकार के सभी कर्मचारियों के लिए बेसिक सैलरी तय करने का काम करता है। मोदी सरकार ने आखिरी बार साल 2016 फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाया था। तब सरकार ने कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 6,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये कर दिया था। फिटमेंट फैक्टर में अगर फिर बढ़ोतरी की जाती है तो न्यूनतम बेसिक सैलरी 26,000 रुपये हो सकती है। अभी न्यूनतम बेसिक पे यानी सैलरी 18,000 रुपये है, जो बढ़कर 26,000 रुपये हो जाएगी।
बेसिक पे बढ़ने से बढ़ा जाएंये ये सभी भत्ते (Dearness Allowance - DA)
अगर बेसिक पे 18,000 रुपये से बढ़कर 26,000 रुपये हो जाता है तो बेसिक पे पर मिलने वाले भत्तें भी बढ़ जाएंगे। महंगाई भत्ता यानी डीए (Dearness Allowance - DA) बेसिक वेतन के 38 फीसदी के बराबर है। DA का कैलकुलेशन बेसिक सैलरी के 38 फीसदी पर कैलकुलेट किया जाता है। यानी, बेसिक वेतन बढ़ने से अपने आप महंगाई भत्ता भी अपने आप बढ़ जाएगा। सैलरी में बंपर इजाफा बजट में सरकार कर सकती है।