Union Budget 2023: कोयले से गैस बनाने के लिए इनसेंटिव का ऐलान कर सकती हैं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

Union Budget 2023: अडानी एंटरप्राइजेज सहित कई कंपनियां कोल गैसीफिकेशन प्रोजेक्ट्स में दिलचस्पी दिखा चुकी हैं। सरकार ने इस बारे में एक ड्राफ्ट नोट भी तैयार कर लिया है, जिसे कैबिनेट में पेश किया जाएगा। एनर्जी की तेजी से बढ़ती जरूरत को देखते हुए सरकार कई तरह की पॉलिसी पर काम कर रही है

अपडेटेड Dec 31, 2022 पर 10:07 AM
कुछ बड़ी सरकारी कंपनियों ने हाल में कोल गैसीफिकेशन प्लांट्स लगाने के लिए समझौता किया है।

Union Budget 2023: अगले यूनियन बजट (Union Budget) में सरकार कोयले से गैस तैयार करने के लिए इनसेंटिव का ऐलान कर सकती है। सीएनबीसी-आवाज की खबर के मुताबिक, यूनियन बजट में प्लांट और मशींस के लिए 6000 से 7000 करोड़ रुपये का आवंटन हो सकता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी, 2023 को यूनियन बजट पेश करेंगी। माना जा रहा है कि सरकार का फोकस एनर्जी खासकर ग्रीन एनर्जी पर होगा। अडानी एंटरप्राइजेज और दीपक फर्टिलाइजर्स सहित कई कंपनियां कोल गैसीफिकेशन प्रोजेक्ट्स में दिलचस्पी दिखा चुकी हैं। इस बारे में कंपनियों ने कोल मिनिस्ट्री से मुलाकात की थी। उन्होंने कोल गैसीफिकेशन प्रोजेक्ट्स के लिए इनसेंटिव की मांग सरकार से की थी।

कोल मिनिस्ट्री ड्राफ्ट नोट तैयार कर चुकी है

बताया जाता है कि कोल मिनिस्ट्री ने इस बारे में एक ड्राफ्ट नोट तैयार किया। इसे कैबिनेट में पेश किया जाएगा। कुछ बड़ी सरकारी कंपनियों ने हाल में कोल गैसीफिकेशन प्लांट्स लगाने के लिए समझौता किया है। कोल इंडिया (CIL) ने भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स (BHEL), गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया (GAIL) और इंडियन ऑयल (IOC) से समझौता किया है।


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NLCIL लिग्नाइट आधारित प्लांट लगा रही है

भेल और सीआईएल के बीच अक्टूबर में हुए समझौते को सरकार के कोल गैसीफिकेशन प्रोजेक्ट के लिए बहुत अहम माना जा रहा है। सरकार ने 10 करोड़ टन कोयले से गैस बनाने का टारगेट तय किया है। BHEL और CIL संयुक्त रूप से समझौते के तहत कोल गैसीफिकेशन प्लांट लगा रहे हैं। NLCIL भी लिग्नाइट-आधारित गैसीफिकेशन पायलट प्लांट लगा रही है। भेल ने कहा था कि इंडिया में उपलब्ध 75 फीसदी कोयले में एश कंटेंट बहुत ज्यादा है। विदेश में उपलब्ध टेक्नोलॉजी भी इस कोयले को इस्तेमाल के लायक बनाने में सक्षम नहीं है।

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इस फाइनेंशियल ईयर का प्रोडक्शन टारगेट पूरा होने की उम्मीद

ज्यादा एश कंटेंट वाले कोयले को इस्तेमाल लायक बनाने के लिए भेल की PFBG टेक्नोलॉजी सबसे सही है। भेल देश की पहली कोल टू मिथेनॉल पायलट प्लांट लगा चुकी है। इस हफ्ते की शुरुआत में कोल इंडिया के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल ने भरोसा जताया था कि सरकारी कंपनियां इस फाइनेंशियल ईयर में 70 करोड़ प्रोडक्शन के टारगेट को हासिल कर लेंगी। एक्सपर्ट्स का मानना है कि सरकार को आने वाले सालों में एनर्जी की बढ़ती मांग को देखते हुए ठोस पॉलिसी बनाने की जरूरत है। साथ ही सरकार को ग्रीन एनर्जी का इस्तेमाल बढ़ाने और Fossil Energy का इस्तेमाल घटाने पर जोर देना चाहिए।

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