Union Budget 2023: कम कमाई वाले लोगों को इनकम टैक्स में राहत दे सकती हैं निर्मला सीतारमण

Union Budget 2023: एक्सपर्ट्स का कहना है कि पिछले कई सालों से इनकम टैक्स की बेसिस एग्जेम्प्शन लिमिट में बदलाव नहीं किया गया है। पिछले कुछ सालों में इनफ्लेशन बहुत बढ़ा है। इसकी मार लोगों के पर्चेंजिंग पावर पर पड़ी है। इसलिए फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण को कम आय वर्ग के लोगों को इनकम टैक्स में राहत देने की जरूरत है

अपडेटेड Jan 15, 2023 पर 2:21 PM
सरकार ने फाइनेंशियल 2019-20 में इनकम टैक्स की नई रीजीम की भी शुरुआत की थी। लेकिन, इसमें टैक्सपेयर्स ने दिलचस्पी नहीं दिखाई है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार को न्यू टैक्स रीजीम को अट्रैक्टिव बनाने की जरूरत है।

Union Budget 2023: फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण यूनियन बजट 2023 (Budget 2023) में कम इनकम वाले लोगों को इनकम टैक्स में राहत दे सकती हैं। कम इनकम वाले लोगों के लिए यह मुश्किल समय चल रहा है। पहले कोरोना की महामारी ने उनकी मुसीबत बढ़ाई। उसके बाद बढ़ती महंगाई और नौकरी को लेकर अनिश्चितता ने उनकी मुश्किल बढ़ाई है। अमेरिका, इंग्लैंड और यूरोप पर मंदी का खतरा मंडरा रहा है। अगर मंदी आती है तो इसका असर इंडिया पर भी पड़ेगा। ऐसे में फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण कम इनकम वाले लोगों को राहत देने के लिए इनकम टैक्स के रेट्स में कमी कर सकती है। इससे लोगों के हाथ में खर्च के लिए ज्यादा पैसे बचेंगे। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी, 2023 को यूनियन बजट पेश करेंगी।

बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट बढ़ाई जा सकती है

सरकार बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट भी बढ़ा सकती है। अभी इनकम टैक्स से छूट के लिए इनकम की लिमिट 2.5 लाख रुपये है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट बढ़ाने से लोगों के हाथ में खर्च के लिए ज्यादा पैसे बचेंगे। इससे इकोनॉमी में डिमांड बढ़ेगी। सरकार इकोनॉमी में डिमांड बढ़ाने के लिए कई विकल्पों पर विचार कर रही है। कोरोना की महामारी के बाद आर्थिक गतिविधियां फिर से सामान्य स्तर पर आ गई हैं। इससे शहरी इलाकों में डिमांड बढ़ी है। लेकिन ग्रामीण इलाकों में डिमांड अब भी कमजोर बनी हुई है। बजट में ग्रामीण इलाकों में डिमांड बढ़ाने के लिए उपायों का ऐलान हो सकता है।


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income tax old regime

लंबे समय से टैक्सपेयर्स को नहीं मिली है बड़ी राहत

एक्सपर्ट्स का कहना है कि लंबे समय से इनकम टैक्स की बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट नहीं बढ़ाई गई है। हालांकि, सरकार ने कम इनकम वाले लोगों को इनकम टैक्स में कुछ राहत दी है। लेकिन ये पर्याप्त नहीं हैं। उदाहरण के लिए 5 लाख रुपये तक की सालाना इनकम वाले लोगों को 12,500 रुपये का टैक्स क्रेडिट या टैक्स लायबिलिटी (दोनों में से जो कम हो) की इजाजत है। लेकिन, इसका फायदा कुछ ही टैक्सपेयर्स को मिला है।

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न्यू टैक्स रीजीम से लोगों को फायदा नहीं

सरकार ने फाइनेंशियल 2019-20 में इनकम टैक्स की नई रीजीम की भी शुरुआत की थी। लेकिन, इसमें टैक्सपेयर्स ने दिलचस्पी नहीं दिखाई है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार को न्यू टैक्स रीजीम को अट्रैक्टिव बनाने की जरूरत है। अभी न्यू टैक्स रीजीम के तहत इनवेस्टमेंट पर किसी तरह के डिडक्शन की इजाजत नहीं है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि न्यू टैक्स रीजीम में भी इनवेस्टमेंट पर टैक्स बेनेफिट देने का ऐलान होना चाहिए।

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