Union Budget 2023 : इन 6 उपायों से आम आदमी की खुशियां बढ़ा सकती हैं निर्मला सीतारमण

बजट 2023: कोरोना और महंगाई की मार ने आम लोगों की जिंदगी मुश्किल कर दी है। यूनियन बजट 2023 उनकी मुश्किल कम कर सकता है। उम्मीद है कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण मिडिल क्लास को राहत देने का एलान करेंगी

अपडेटेड Jan 19, 2023 पर 3:00 PM
यह बजट स्पेशल है। इसकी वजह यह है कि यह 2024 के लोकसभा चुनावों के पहले आने वाला अंतिम पूर्ण बजट है।

विजय भांबवानी

बजट 2023 : यह साल का ऐसा वक्त है जब शेयर बाजारों में यूनियन बजट को लेकर उत्साह दिखता है। ट्रेडर्स यूनियन बजट में होने वाले ऐलानों को लेकर अनुमान लगाते हैं और उसके हिसाब से शेयरों पर दांव लगाते हैं। शेयर बाजार के दिग्गज बजट में तंबाकू और आयातित गाड़ियों जैसे कुछ उत्पादों पर टैक्स बढ़ने का अनुमान लगा रहे हैं। इस बात के भी कयास लगाए जा रहे हैं कि यूनियन बजट में सरकार आम आदमी और इनवेस्टर्स के लिए किस तरह की सौगातों का ऐलान करेगी। हर साल बजट से पहले हर वर्ग की अपनी-अपनी उम्मीदें होती हैं। इन उम्मीदों के पूरा होने के आधार पर बजट का आंकलन होता है।

यूनियन बजट 2023 स्पेशल है

यह ध्यान रखना होगा कि यह बजट स्पेशल है। इसकी वजह यह है कि यह 2024 के लोकसभा चुनावों के पहले आने वाला अंतिम पूर्ण बजट है। हालांकि, इनवेस्टर्स को इकोनॉमी के लिए पेश आने वाली चुनौतियों का अंदाजा है। खासकर जियोपॉलिटकल हालात, दुनियाभर में बढ़ते इनफ्लेशन और मंदी के खतरे ने चिंता बढ़ा दी है। कैपिटल गेंस टैक्स में संभावित बदलाव को लेकर मीडिया में लगातार खबरें आ रही हैं। इन बातों को ध्यान में रख मैं ऐसी दो बातों की चर्चा करना चाहता हूं जिसे मार्केट की उम्मीद या आशंका कहा जा सकता है।


बजट 2023 आने में बाकी हैं सिर्फ कुछ दिन, इसकी खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

1. इनकम टैक्स में राहत मिलनी चाहिए

कोई चार्टर्ड अकाउंटेंट आपको बता सकता है कि टैक्स और मौत ऐसी दो चीजें हैं, जिससे बचना नामुमकिन है। लेकिन, टैक्स में राहत की उम्मीद तो की ही जा सकती है। मार्केट को उम्मीद है कि यूनियन बजट 2023 में इनकम टैक्स की बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट बढ़ाकर 5 लाख रुपये की जाएगी। इससे टैक्स चुकाने वाले आम लोगों को बढ़ती महंगाई के बीच बड़ी राहत मिलेगी। टैक्स कंप्लायंस बढ़ने के साथ सरकार का टैक्स कलेक्शन भी बढ़ रहा है। इससे सरकार के पास टैक्सपेयर्स को राहत देने की गुंजाइश है।

यह भी पढ़ें : जट 2023 : क्या यूनियन बजट 2023 के बाद शेयर बाजार में आएगी बड़ी तेजी?

कैपिटल गेंस टैक्स को लेकर कई तरह की चर्चा चल रही है। हालांकि, सरकार इस बारे में क्या ऐलान करेगी यह किसी को पता नहीं है। कैपिटल टेक्स में थोड़ी बढ़ोतरी का असर बाजार पर नहीं पड़ेगा, लेकिन 5 फीसदी से ज्यादा वृद्धि होने पर बाजार के सेंटिमेंट पर खराब असर पड़ेगा। इस बार भी मार्केट को STT/CTT में कमी की उम्मीद है। ट्रेडर्स की ट्रांजेक्शन कॉस्ट में इन टैक्स की सबसे ज्यादा हिस्सेदारी है। लेकिन, पिछले कई सालों से मार्केट्स की यह मांग पूरी नहीं हुई है। अगर इस बार यह पूरी होती है तो मार्केट को बहुत खुशी होगी।

2. ग्रीन एनर्जी का इस्तेमाल बढ़ाने की जरूरत

अगर सरकार यूनियन बजट में रेलवे और रोड ट्रांसपोर्ट का किराया नहीं बढ़ाती है तो बहुत अच्छा होगा। इसकी वजह यह है कि इससे महंगाई से परेशान आम आदमी की मुश्किल और बढ़ेगी। सरकार ग्रीन एनर्जी पर अपना फोकस बढ़ा सकती है। इसके सोलर पावर से जुड़े इक्विपमेंट पर टैक्स में कमी की जा सकती है। सोलर पावर इक्विपमेंट पर सरकार सब्सिडी बढ़ाने का भी ऐलान कर सकती है। सरकार लोगों को छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए प्रोत्साहन का भी ऐलान कर सकती है। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के लिए सब्सिडी बढ़ाकर इसके इस्तेमाल को बढ़ावा देने के उपाय किए जा सकते हैं। इसके अलावा इनटर्नल कंबशन इंजंस के मुकाबले ईवी के लिए टैक्स स्लैब भी अलग होने चाहिए।

3. बैंक डिपॉजिट पर इंटरेस्ट रेट बढ़ना चाहिए

अगर सरकार बैंक डिपॉजिट पर इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का ऐलान करती है तो इससे फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट में निवेश करने वाले लोगों को राहत मिलेगी। ऐसे इंस्ट्रूमेंट का इंटरेस्ट रेट रिटेल इनफ्लेशन से कम से कम 2.5-3 फीसदी ज्यादा होना चाहिए। इससे उन लोगों को बहुत मदद मिल जाएगी जो फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट्स से होने वाली आय पर निर्भर करते हैं।

4. पैसे जुटाने के लिए बॉन्ड बाजार के इस्तेमाल को मिले बढ़ावा

RBI ने 1 अक्टूबर, 2021 को रिटेल डायरेक्ट जी-सेक स्कीम लॉन्च की थी। यह स्कीम इनवेस्टर्स के बीच हिट रही थी। अब एग्जिक्यूशन कॉस्ट के बगैर बैंकों से सीधे सॉवरेन बॉन्ड खरीदना एक सच्चाई बन गई है। सरकार राज्य और शहरी स्तर के अथॉरिटीज खासकर सिटी म्युनिसिपेल्टीज को इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के वास्ते बॉन्ड से पैसे जुटाने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है।

5. PPF का इंटरेस्ट रेट बढ़ाने से होगा फायदा

सरकार ने पोस्ट ऑफिस टर्म डिपॉजिट और सीनियर सिटीजंस स्कीम जैसी स्मॉल सेविंग्स स्कीम के इंटरेस्ट रेट्स बढ़ाए हैं। लेकिन, PPF पर इंटरेस्ट रेट में बढ़ोतरी नहीं की गई है। मार्केट सेक्शन 80सी की लिमिट भी बढ़ाने की मांग कर रहा है। अभी यह 1.5 लाख रुपये है। चूंकि PPF पर इंटरेस्ट एग्जेम्प्ट-एग्जेम्प्ट-एग्जेम्प्ट (EEE) के दायरे में आता है जिससे यह इनवेस्टर्स के बीच काफी लोकप्रिय है।

6. लो कॉस्ट हाउसिंग की परिभाषा बदलने की जरूरत

कम कीमत के मकानों पर सरकार को फोकस बढ़ाने की जरूरत है। मार्केट का मानना है कि सरकार को लो कॉस्ट हाउसिंग की परिभाषा बदलनी चाहिए। फ्लोर स्पेस के साथ ही घर की वैल्यू में भी बदलाव करने की जरूरत है। कोरोना के बाद फिर से घरों की कीमतें बढ़ने लगी हैं। ऐसे में सरकार के इन उपायों से घर खरीदने में आम आदमी की दिलचस्पी बढ़ेगी।

(विजय भांबवानी www.bpsplindia.com के सीईओ हैं। यहां व्यक्त विचार उनके निजी विचार हैं। ये इस पब्लिकेशन के विचार नहीं हैं।)

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।