Union Budget 2023: ज्यादातर बिजनेस लीडर्स का मानना है कि PLI स्कीम फायदेमंद रही है। उन्हें उम्मीद है कि सरकार इस स्कीम के तहत दूसरे सेक्टर को भी लाने की कोशिश करेगी। डेलॉयट के सर्वे से यह जानकारी मिली है। सर्वे में शामिल कई लीडर्स का कहना था कि बजट में अलग-अलग इंडस्ट्री की ग्रोथ बढ़ाने के उपाय शामिल होंगे। इसके लिए सरकार घरेलू डिमांड और पूंजीगत खर्च बढ़ाने पर बजट में फोकस करेगी। उनका यह भी मानना है कि बजट (Budget 2023) में 'अमृत काल' पर भी वित्त मंत्री का फोकस होगा। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी को बजट पेश करेंगी।
ग्रोथ बढ़ाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर पर होगा फोकस
सर्वे के नतीजों के मुताबिक, कैपिटल एक्सपेंडिचर, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और प्राइवेट पार्टनरशिप पर फोकस इकोनॉमिक ग्रोथ के लिए अहम होंगे। सर्वे में शामिल 60 फीसदी एक्सपर्ट्स का कहना था कि सरकारी बॉन्ड्स के जरिए पैसे जुटाने की कोशिश होनी चाहिए। इस सर्वे में यूनियन बजट को लेकर इंडस्ट्री की उम्मीदों के बारे में जानने की कोशिश की गई। इसमें अलग-अलग 10 इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स ने हिस्सा लिया।
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मोदी 2.0 सरकार का आखिरी पूर्ण बजट
यूनियन बजट 2023 कई मायनों में बहुत अहम है। यह केंद्र की मोदी 2.0 सरकार का आखिरी पूर्ण बजट होगा। अगले साल लोकसभा चुनाव है। चुनाव के बाद केंद्र में बनने वाली नई सरकार फाइनेंशियल ईयर 2024-25 का बजट पेश करेगी। कई एनालिस्ट्स का कहना है कि चुनावों से पहले आने वाले इस बजट में सरकार वेल्फेयर स्कीम के लिए आवंटन बढ़ा सकती है। आम तौर पर चुनावों से पहले आने वाले बजट में ऐसा देखने को मिलता है।
ऑटोमोबाइल, व्हाइट गुड्स, फार्मा भी PLI स्कीम के दायरे में आएंगे
सर्वे में शामिल 70 फीसदी एक्सपर्ट्स का कहना है कि PLI स्कीम से इंडस्ट्री को फायदा हुआ है। 60 फीसदी एक्सपर्ट्स का मानना था कि आने वाले सालों में सरकार PLI स्कीम का दायरा बढ़ाएगी। सरकार इस स्कीम के तहत 14 सेक्टर को ला चुकी है। इसके लिए करीब 2 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इनमें ऑटोमोबाइल्स एंड ऑटो कंपोनेंट्स, व्हाइट गुड्स, फार्मा, टेक्सटाइल्स, फूड प्रोडक्ट्स, हाई-एफिशिएंसी सोलर पीवी मॉड्यूल्स, एडवॉन्स कमेस्ट्री सेल्स और स्पेशियलिटी स्टील शामिल हैं।
अब तक 14 सेक्टर PLI स्कीम में शामिल
एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार लेदर, बायसिकिल, कुछ वैक्सीन मैटेरियल और कुछ टेलीकॉम प्रोडक्ट्स को PLI स्कीम के दायरे में ला सकती है। सर्वे में शामिल एक्सपर्ट्स का कहना था कि कई देशों की इकोनॉमी पर स्लोडाउन का खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में सरकार बजट में इंडस्ट्री की ग्रोथ बढ़ाने वाले उपायों का ऐलान कर सकती है।