Union Budget 2023: अगले यूनियन बजट में सरकार कुछ फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन के लिए पैन (Permanent account number) की अनिवार्यता खत्म कर सकती है। सरकार फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन से जुड़े नियमों को आसान बनाना चाहती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर आधार (Aadhar) की डिटेल पहले से मौजूद है तो पैन (PAN) की जरूरत खत्म की जा सकती है। बैंक सहित दूसरी वित्तीय संस्थाओं ने फाइनेंस मिनिस्ट्री से इसकी गुजारिश की थी। बैंकों की दलील है कि चूंकि अकाउंट्स पहले से आधार से लिंक्ड हैं, जिससे पैन की जरूरत नहीं रह गई है।अभी कई फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन के लिए पैन की डिटेल देना जरूरी है।
इनकम टैक्स एक्ट, के सेक्शन 206एए के मुताबिक, पैन नहीं देने पर ट्रांजेक्शन पर 20 फीसदी टैक्स लागू होता है। सरकार पहले से आधार से पैन को लिंक करने को अनिवार्य बना चुकी है। ज्यादातर बैंक अकाउंट्स आधार से लिंक किए जा चुके हैं। ऐसे में सरकार कुछ ट्रांजेक्शन के लिए पैन की अनिवार्यता को खत्म करने के बारे में सोच रही है। इसका ऐलान यूनियन बजट 2023 में किया जा सकता है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, 2023 को यूनियन बजट पेश करेंगी। यह लोकसभा 2024 के चुनावों से पहले केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार का आखिरी पूर्ण बजट होगा। माना जा रहा है कि सरकार आम लोगों के लिए टैक्स के नियमों को आसान बनाने का ऐलान कर सकती है। इनकम टैक्स के रेट में किसी तरह के बदलाव की उम्मीद नहीं है।
पिछले कुछ सालों में सरकार ने बड़े अमाउंट के ट्रांजेक्शन पर निगरानी बढ़ाई है। इसका मकसद संदिग्ध ट्रांजेक्शन पर अंकुश लगाना है। यह देखा गया है कि टेरर फंडिंग से लेकर कई तरह की अवैध गतिधियों के लिए पैसे एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में भेजे जाते हैं। ऐसे ट्रांजेक्शन पर रोक लगाने के लिए सरकार ने बड़े अमाउंट के ट्रांजेक्शन के लिए पैन डिटल को अनिवार्य बनाया है।