Union Budget 2023: टैक्स के नियमों में समानता चाहते हैं वेंचर और पीई फंड्स

Union Budget 2023: IVCA EY रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल अक्टूबर में पीई/वीसी इनवेस्टमेंट 3.3 अरब डॉलर रहा। यह अक्टूबर 2021 के मुकाबले 75 फीसदी कम है। हालांकि, यह इस साल सितंबर के मुकाबले 60 फीसदी ज्यादा है

अपडेटेड Dec 19, 2022 पर 6:45 PM
फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, 2023 को यूनियन बजट पेश करेंगी। यह बजट ऐसे वक्त पेश होगा, जब ग्लोबल इकोनॉमी मुश्किल में दिख रही है। इधर, इंडिया में इकोनॉमी की सेहत अच्छी है।

Union Budget 2023: प्राइवेट इक्विटी (PE) और वेंचर कैपिटल (VC) फंड्स को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) के अगले बजट से काफी उम्मीदें हैं। इंडियन प्राइवेट इक्विटी एंड वेंचर कैपिटल एसोसिएशन (IVCA) ने इस बारे में फाइनेंस मिनिस्ट्री को बताई है। उसका मानना है कि सरकार को प्राइवेट इक्विटी और वेंचर कैपिटल इनवेस्टमेंट को बढ़ावा देने के लिए बजट में उपाय करने चाहिए। एसोसिएशन ने लिस्टेड और अनलिस्टेड कंपनियों के शेयरों में निवेश से जुड़े टैक्स के नियमों में फर्क खत्म करने की भी मांग की है। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, 2023 को यूनियन बजट पेश करेंगी। यह बजट ऐसे वक्त पेश होगा, जब ग्लोबल इकोनॉमी मुश्किल में दिख रही है। इधर, इंडिया में इकोनॉमी की सेहत अच्छी है।

अक्टूबर में घटा है पीई/वीसी फंडों का निवेश

IVCA EY रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल अक्टूबर में पीई/वीसी इनवेस्टमेंट 3.3 अरब डॉलर रहा। यह अक्टूबर 2021 के मुकाबले 75 फीसदी कम है। हालांकि, यह इस साल सितंबर के मुकाबले 60 फीसदी ज्यादा है। टीवीएस कैपिटल फंड्स के चेयरमैन गोपल श्रीनिवासन ने कहा, "इंडस्ट्री डोमेस्टिक कैपिटल में इजाफा जरूरी है। हम देश में फॉरेन कैपिटल का स्वागत करते हैं।" सरकार को इसके लिए कुछ उपाय करने की जरूरत है। पहला मसला पब्लिक इनवेस्टमेंट में शॉर्ट टर्म लिक्विड इनवेस्टमेंट और लॉन्ग टर्म रिस्क कैपिटल इनवेस्टमेंट से जुड़ा है। पहले में टैक्स का रेट कम है, जबकि दूसरे में टैक्स रेट ज्यादा है। इस अंतर को दूर करने की जरूरत है।


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अल्टरनेविट इनवेस्टमेंट फंड को मिले स्पेशन दर्जा

पीई और वीसी फंडों का यह भी कहना है कि अल्टरनेटिव इनवेस्टमेंट फंड को स्पेशल दर्जा देने की जरूरत है। इसकी वजह यह है कि इसके जरिए देश में हर साल एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश आता है। EY इंडिया के प्राइवेट इक्विटी लीडर विवेक सोनी ने कहा कि सरकार को दो-तीन तरीकों के बारे में सोचना चाहिए। इससे अल्टरनेट एसेट क्लास में डोमेस्टिक कैपिटल का फ्लो बढ़ेगा। इसके अलावा सरकार को विदेशी कंपनियों के इंडिया में डोमिसाइसल के मसले के फ्रेमवर्क पर भी विचार करना चाहिए।

देश लौटने वाली कंपनियों के लिए फ्रेमवर्क बने

ऐसी कई कंपनियां हो सकती हैं, जो इंडिया से बाहर गई थीं। लेकिन वे इंडिया लौटने के बारे में विचार कर रही हैं। अगर इंडियन इकोनॉमी की ग्रोथ अच्छी बनी रहती है तो इस तरह से कई कंपनियां इंडिया लौटने के बारे में सोच सकती हैं। अभी ऐसी कंपनियों के इंडिया में डोमिसाइल के लिए कोई फ्रेमवर्क नहीं है। अगर सरकार इस मसले का समाधान निकालती है तो इससे देश में इनवेस्टमेंट बढ़ाने में मदद मिलेगी।

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