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Union Budget 2023: वेल्फेयर स्कीम और 'मेक इन इंडिया' पर फोकस बढ़ा सकती हैं फाइनेंस मिनिस्टर

Union Budget 2023: गोल्डमैन सैक्स ने कहा है कि यूनियन बजट 2023 में बड़े रिफॉर्म्स की उम्मीद नहीं है। लेकिन, सरकार वेल्फेयर स्कीम और मेक इन इंडिया पर फोकस बढ़ा सकती है। इसकी वजह यह है कि अगले साल लोकसभा चुनाव होने वाले हैं। चुनावों से पहले सरकार का फोकस वेल्फेयर स्कीम पर बढ़ जाता है

Curated By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Jan 13, 2023 पर 12:59 PM
Union Budget 2023: वेल्फेयर स्कीम और 'मेक इन इंडिया' पर फोकस बढ़ा सकती हैं फाइनेंस मिनिस्टर
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रूरल और वेल्फेयर फर खर्च बढ़ा सकती हैं। फाइनेंशियल ईयर 2018-2019, फाइनेंशियल ईयर 2013-14 और फाइनेंशियल ईयर 2008-09 में भी सरकार ने लोकसभा चुनावों को देखते हुए बजट में ग्रामीण इलाकों और कल्याणकारी योजनाओं के लिए बजट आवंटन बढ़ाया था।

Union Budget 2023: गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि यूनियन बजट 2023 (Budget 2023) में सरकार किसी बड़े रिफॉर्म्स का ऐलान नहीं करेगी। लेकिन, 'मेक इन इंडिया' (Make in India) और 'डायरेक्ट टैक्स कोड' (Direct Tax Code) पर सरकार का फोकस हो सकता है। सब्सिडी के लिए बजट आवंटन में भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं। खासकर फर्टिलाइजर्स सब्सिडी के बजट आवंटन में बदलाव देखने को मिल सकता है। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी, 2023 को यूनियन बजट पेश करेंगी। यह बजट ऐसे वक्त आ रहा है, जब सरकार पर फिस्कल डेफिसिट में कमी लाने का दबाव है। साथ ही सरकार को इकोनॉमिक ग्रोथ की रफ्तार तेज करने के उपाय भी बजट में करने होंगे। अमेरिका, इंग्लैंड और यूरोप की इकनॉमी पर मंदी का खतरा मंडरा रहा है। इधर, इंडियन इकोनॉमी की ग्रोथ रेट अच्छी बनी हुई है।

वेल्फेयर स्कीम के लिए आवंटन बढ़ने की उम्मीद

गोल्डमैन सैक्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सरकार अगले साल लोकसभा चुनावों के देखते हुए वेल्फेयर स्कीम पर खर्च बढ़ा सकती है। सब्सिडी में भी कमी की जा सकती है, क्योंकि कमोडिटी की कीमतें नीचे आई हैं। सरकार मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने वाले उपायों का भी ऐलान कर सकती है। इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार का फोकस जारी रहेगा। डिफेंस के लिए बजट आवंटन बढ़ाया जा सकता है।

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