Union Budget 2023: यूनियन बजट 2023 में रेलवे (Indian Railways) के लिए आवंटन 29 फीसदी बढ़ सकता है। इससे कुल आवंटन 1.8 लाख करोड़ रुपये पहुंच सकता है। इस फाइनेंशियल ईयर में यह 1.4 लाख करोड़ रुपये है। सरकार का फोकस रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने पर बना रहेगा। रेल मंत्रालय का कुल पूंजीगत खर्च (capital expenditure) यानी कैपेक्स अगले फाइनेंशियल ईयर में 20 फीसदी बढ़कर 3 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। इस वित्त वर्ष यानी 2022-23 में कुल पूंजीगत खर्च 2.45 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
कई प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर चल रहा काम
रेल बोर्ड के चेयरमैन (Rail Board Chairman) ने कहा, “नेशनल ट्रांसपोर्टर के रूप में हमारा फोकस कई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर है। इनमें से कई पूरे होने के करीब हैं। इसलिए, इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज्यादा पूंजीगत खर्च समय की दरकार है।”
पिछले बजट में सरकार ने रेलवे के बजट आवंटन में अच्छी बढ़ोतरी की थी। रेल मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय (finance ministry) से फ्रेट कॉरिडोर, हाई स्पीड ट्रेनों और ट्रेनों के आधुनिकीकरण जैसे दीर्घकालिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए पर्याप्त फंड दिए जाने की मांग की है।
अभी तक 71 फीसदी ज्यादा हुआ खर्च
एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में इस साल खर्च 71 फीसदी बढ़ चुका है। इस बार, रेलरोड अर्निंग्स में खासी बढ़ोतरी के बाद सीनियर सिटीजंस (senior citizens rail fare) के लिए रेल किराये में कटौती देखने को मिल सकती है। अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए भी आवंटन बढ़ने की उम्मीद है।
इन प्रोजेक्ट पर चल रहा है काम
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने पिछले हफ्ते कहा था कि केंद्र आधुनिकीकरण में रिकॉर्ड निवेश कर रहा है। आधुनिकीकरण में तेजस हम सफर (Tejas Hum Safar), वंदे भारत (Vande Bharat) और विस्टाडोम कोच (VistaDome coaches) के साथ ही सभी स्टेशनों को अपग्रेड करना, उनके विद्युतीकरण और कई रेल लाइनों के दोहरीकरण की योजना शामिल है।
मंत्रालय का कुल बजटीय समर्थन वित्त वर्ष 2021-22 में पहली बार 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया था। मंत्रालय को वित्त वर्ष 23 में 2.45 लाख करोड़ रुपये मिले, जो अभी तक सबसे ज्यादा पूंजीगत खर्च है।