Union Budget 2024 : एनर्जी सेक्टर को ग्रीन एनर्जी पर सरकार का फोकस जारी रहने की उम्मीद

Union Budget 2024 : पावर और ग्रीन एनर्जी इंडस्ट्री को उम्मीद है कि सरकार का फोकस ग्रीन हाइड्रोजन, जीएसटी के रेट में कमी और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए आसान कर्ज की उपलब्धता पर बना रहेगा। पिछले कुछ सालों में सरकार ने रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर पर फोकस बढ़ाया है। खास तौर पर सोलर और विंड पर फोकस बढ़ने के अच्छे नतीजे मिले हैं

अपडेटेड Jan 10, 2024 पर 12:09 PM
Union Budget 2024 : एक्सपर्ट्स का कहना है कि ग्रीन हाइड्रोजन और इलेक्ट्रोलाइजर मैन्युफैक्चरिंग को प्रायरिटी सेक्टर में लाने की जरूरत है। साथ ही ऐसे प्रोजेक्ट्स को पर्याप्त क्रेडिट उपलब्ध कराने पर भी ध्यान देना होगा।

Union Budget 2024 : पावर, रिन्यूएबल्स और न्यू एनर्जी सेक्टर्स को उम्मीद है कि अंतरिम बजट 2024 में सरकार का फोकस ग्रीन एनर्जी पर बना रहेगा। 1 फरवरी को पेश होने वाला बजट वोट-ऑन-अकाउंट होगा। अप्रैल-मई में लोकसभा चुनाव होने वाले हैं। इसके बाद जो नई सरकार बनेगी वह पूर्ण बजट (Union Budget 2024) पेश करेगी। वित्तमंत्री Nirmala Sitharaman पहले ही कह चुकी हैं कि अंतरिम बजट में बड़े ऐलान की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। फिर भी, पावर और ग्रीन एनर्जी इंडस्ट्री को उम्मीद है कि सरकार का फोकस ग्रीन हाइड्रोजन, जीएसटी के रेट में कमी और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए आसान कर्ज की उपलब्धता पर बना रहेगा।

सोलर एनर्जी और विंड एनर्जी की क्षमता बढ़ी है

L&T एनर्जी (ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग एंड डेवलपमेंट) के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट डेरेक एम शाह ने बताया कि सरकार का फोकस ग्रीन हाइड्रोजन पर बढ़ना चाहिए। पिछले कुछ सालों में सरकार ने रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर पर फोकस बढ़ाया है। खास तौर पर सोलर और विंड पर फोकस बढ़ने के अच्छे नतीजे मिले हैं।


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हाइड्रोजन ब्लेंडिंग को अनिवार्य बनाने की जरूरत

उन्होंने कहा कि विंड और सोलर एनर्जी के क्षेत्र में उत्पादन क्षमता बढ़ी है। साथ ही इस सेक्टर के लिए जरूरी इक्विपमेंट की मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी में भी इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि रिफाइनरीज, फर्टिलाइजर्स और मैन्युफैक्चरिंग जैसी इंडस्ट्रीज के लिए हाइड्रोजन ब्लेंडिंग को अनिवार्य बनाने की जरूरत है। इलेक्ट्रोलाइजर मैन्युफैक्चरिंग पर जीएसटी के रेट में कमी होनी चाहिए। अभी इस पर जीएसटी रेट 18 फीसदी है। ऐसा करने से इस सेक्टर की ग्रोथ तेज होगी।

एनर्जी स्टोरेज सॉल्यूशन के लिए इनसेंटिव

उन्होंने कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन के निर्यात को बढ़ावा देने के उपाय होने चाहिए। ग्रीन हाइड्रोजन और इलेक्ट्रोलाइजर मैन्युफैक्चरिंग को प्रायरिटी सेक्टर में लाने की जरूरत है। साथ ही ऐसे प्रोजेक्ट्स की क्रेडिट तक पहुंच सुनिश्चित करने पर भी ध्यान देना होगा। Waaree Renewable Technologies (WRTL) के चीफ फाइनेंशियल अफसर दिलीप पंजवानी ने कहा कि सरकार रिन्यूएबल एनर्जी की क्षमता बढ़ाकर 500GW करना चाहती है। इसके लिए राउंड-द-क्लॉक ग्रिड स्टैबिलिटी के वास्ते एनर्जी स्टोरेज सॉल्यूशन पर फोकस करना होगा। सरकार को इसके लिए इंसेंटिव की शुरुआत करनी चाहिए।

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