संजय पुगलिया
संपादक - सीएनबीसी-आवाज़

संजय पुगलिया
संपादक - सीएनबीसी-आवाज़
आज हर तरफ बात हो रही है स्टार्टअप की। स्टार्टअप ने लाइफस्टाइल से लेकर बिजनेस के तरीके तक को पूरी तरह से बदलकर रख दिया है। पिछले एक दशक में भारत में आई ऑनलाईन बिजनेस की क्रांति शायद ही किसी से छिपी है। और ये क्रांति आई है उभरते स्टार्टअप्स की वजह से। इन स्टार्टअप के लिए मिसाल बन गया है बंगलुरु।
1997 से 2000 की डॉट काम तेजी के दौरान स्टार्टअप इस टर्म का इस्तेमाल शुरू हुआ। इसिलए ज्यादातर लोग टेक स्पेस में नया कारोबार शुरू करने वाले कंपनियों को स्टार्टअप कहते हैं। लेकिन आज हर उस नए बिजनेस को जिसके जरिए किसी समस्या का कोई हल निकल रहा है, जहां इनोवेशन मूल है और कारोबार बढ़ाया जा सकता है ये विश्वास होता है वो स्टार्टअप कहलाती हैं।
बंगलुरु में स्टार्टअप को लेकर जबरदस्त माहौल है लेकिन इस शहर में बिना किसी सरकारी मदद के ये बड़ी तेजी से फल-फूल रहा है। किसी भी कारोबार को शुरू करना हो या फिर उसे बढ़ाना हो, तो पैसों के बगैर किसी की गाड़ी आगे नहीं बढ़ती। हालांकि बंगलुरु में स्टार्टअप की गाड़ी ने जिस तरह से रफ्तार पकड़ी है ऐसे में यहां पैसे लगाने वालों की कोई कमी नहीं है।
आज की तारीख में बंगलुरु में 3000 से ज्यादा स्टार्टअप अपने कारोबार को आगे बढ़ा रही हैं और इस तरह का माहौल भारत के किसी और शहर में देखने को नहीं मिल सकता। बता दें कि बंगलुरु का स्टार्टअप वाला माहौल लोगों को इस कदर अपनी ओर आकर्षित कर रहा है कि मुंबई और दिल्ली जैसे देश के अन्य बड़े-बड़े शहर के लोग इस ओर खींच चले आ रहे हैं। आईटी सिटी का रुतबा हासिल कर चुके बंगलुरु के लिए अब वो दिन दूर नहीं जब इसे स्टार्टअप सिटी के नाम से जाना जाएगा।
बंगलुरु में बढ़ा रहा स्टार्टअप का आकर्षण इसलिए भी युवाओं समेत पेशेवरों को अपनी ओर खींच रहा है क्योंकि यहां पैर जमाने के लिए किसी बड़े इंस्टीट्यूट की डिग्री मायने नहीं रख रही है। अगर आप अच्छे वेब डेवलपर हैं, आपके पास मोबाइल एप्लिकेशन डेवलप करने की अच्छी समझ है तो बंगलुरु आपको स्टार्टअप में करियर बनाने का एक बेहतरीन मौका दे सकता है। साथ ही सॉफ्टवेयर, यूजर इंटरफेस, सप्लाई चेन, कस्टमर सपोर्ट हर सेक्शन में अच्छी मांग के साथ बेहतर सैलरी पैकेज का ऑफर भी मिल रहा है।
स्टार्टअप के लिए सिर्फ टेक्निकल ही नहीं बल्कि नॉन-टेक्निकल दोनों तरह के, पर एक्टिव लोगों के लिए संभावनाएं हैं। चाहे वह टेलीकॉलर हो, ग्राफिक्स हो, मार्केटिंग हो, फाइनेंस हो, वेयरहाउसिंग हो या फिर लॉजिस्टिक का काम हो। ऐसे में आपके पास है अगर इनोवेटिव आइडियाज तो इन तमाम संभावनाओं और अपने हुनर को कैसे बना सकते हैं बेहतर करियर का विकल्प, इस सबसे सीएनबीसी-आवाज़ कराएगा आपको रूबरू।
स्टार्टअप की दुनिया की हर बारिकियों और नए-नए इनोवेशन के लिए जुड़िए सीएनबीसी-आवाज़ से। सीएनबीसी-आवाज़ की होगी हर पहलूओं पर नजर और आपको बताएंगे कैसे अपने आइडिया को बनाए स्टार्टअप, तो जुड़िए हमारे साथ रोजाना शाम 5 बजे और रात 10 बजे ताकि आप भी इस पहल के साथ बन सके तरक्की के असली हकदार।
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