क्रेडिट स्कोर कम है? FD-बैक्ड क्रेडिट कार्ड कर सकते हैं मदद

FD-बैक्ड क्रेडिट कार्ड उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प हैं, जिनकी क्रेडिट हिस्ट्री कमजोर है या बिल्कुल नहीं है. सही तरीके से इस्तेमाल करने पर ये भविष्य में बेहतर क्रेडिट कार्ड और लोन पाने में मदद कर सकते हैं.

अपडेटेड May 24, 2026 पर 4:21 PM
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भारत में फाइनेंशियल सर्विस का परिदृश्य तेजी से बदल रहा है. डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म के आने के बाद अब क्रेडिट कार्ड या पर्सनल लोन लेना पहले जैसा मुश्किल काम नहीं रहा. ज्यादातर बैंक और नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियां (NBFCs) सिर्फ एक अच्छा क्रेडिट स्कोर और स्टेबल इनकम देखकर ही क्रेडिट कार्ड दे देती हैं. ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अब बैंक ऐसे क्रेडिट कार्ड भी ऑफर कर रहे हैं, जिनके लिए अच्छे क्रेडिट स्कोर की जरुरत नहीं पड़ती. यानी, अगर आपके पास बहुत शानदार क्रेडिट प्रोफाइल या अच्छी इनकम न हो, तब भी आपको क्रेडिट कार्ड मिल सकता है. 

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ये क्रेडिट कार्ड, जो फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से जुड़े होते हैं, उन लोगों के लिए बेहद उपयोगी हैं, जिनकी क्रेडिट हिस्ट्री बहुत कमजोर है या बिल्कुल नहीं है. आम क्रेडिट कार्ड (अनसिक्योर्ड इंस्ट्रूमेंट) के उलट, FD-बैक्ड क्रेडिट कार्ड सिक्योर्ड इंस्ट्रूमेंट होते हैं. दरअसल, इनमें कार्डहोल्डर की कोई FD गिरवी या कोलेटरल होती है, इसलिए बैंकों को ग्राहक के क्रेडिट स्कोर को लेकर कोई चिंता नहीं होती और वे आसानी से एप्लीकेशन अप्रूव कर देते हैं.


भारत में FD-बैक्ड क्रेडिट कार्ड की लोकप्रियता बढ़ रही है क्योंकि ये न सिर्फ कई फायदे देते हैं, बल्कि क्रेडिट स्कोर बनाने में भी मदद करते हैं.

क्या आप भी बेस्ट FD-बैक्ड क्रेडिट कार्ड लेना चाहते हैं? तो चलिए पहले समझ लें कि ये कैसे काम करते हैं.

FD-बैक्ड क्रेडिट कार्ड कैसे काम करते हैं?

FD-बैक्ड क्रेडिट कार्ड आपके फिक्स्ड डिपॉजिट के आधार पर जारी किए जाते हैं. इनमें बैंक को एक सिक्योरिटी मिल जाती है और ग्राहक को सुविधा. यहां FD आपकी क्रेडिट लिमिट तय करने के लिए कोलेटरल का काम करती है. आम क्रेडिट कार्ड के उलट, ये सिक्योर्ड कार्ड होते हैं, जिनकी लिमिट सीधे FD अमाउंट पर निर्भर करती है. आमतौर पर बैंक FD अमाउंट के 90% तक क्रेडिट लिमिट ऑफर करते हैं. 

फिक्स्ड डिपॉजिट के आधार पर ऐसे लोग भी क्रेडिट कार्ड ले सकते हैं, जिनकी क्रेडिट हिस्ट्री बहुत कमजोर है या है ही नहीं. हालांकि, ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर आप रिपेमेंट में चूक करते हैं, तो बैंक आपकी FD से बकाया या आउटस्टैंडिंग अमाउंट काट सकता है.

इन कार्ड का फायदा ये है कि आपकी FD पहले से तय रेट पर ब्याज कमाती रहती है और साथ ही आप कार्ड का सही इस्तेमाल करके अपना क्रेडिट स्कोर भी सुधार सकते हैं.

अगर आप भी FD-बैक्ड क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, तो मनीकंट्रोल (Moneycontrol) ऐप और वेबसाइट के जरिए आसानी से कई ऑप्शन एक्स्प्लोर कर सकते हैं. मनीकंट्रोल ने टॉप कार्ड इश्यूअर के साथ पार्टनरशिप की है, और यहां आप आकर्षक फीचर वाले कई कार्ड के लिए अप्लाई कर सकते हैं. 

FD-बैक्ड क्रेडिट कार्ड: इन बातो का रखें ध्यान  

FD-बैक्ड क्रेडिट कार्ड उन लोगों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है, जो कमजोर क्रेडिट स्कोर या न के बराबर क्रेडिट हिस्ट्री की वजह से आम क्रेडिट कार्ड नहीं ले पाते. क्रेडिट स्कोर का असर आपको दी जाने वाली क्रेडिट लिमिट, कार्ड टाइप और उस पर लागू होने वाले ब्याज दरों पर पड़ता है. अप्लाई करने से पहले ये कुछ बातें जरूर जान लें:

  • हर बैंक की अलग-अलग शर्तें होती हैं, जैसे मिनिमम FD अमाउंट और एप्लिकेंट की ऐज लिमिट.

  • FD-बैक्ड क्रेडिट कार्ड पर बैंक एक्स्ट्रा चार्ज भी ले सकते हैं.

  • आपको मिलने वाली क्रेडिट लिमिट आपकी FD से जुड़ी होती है, जो आमतौर पर 70-90% तक हो सकती है.

  • अगर आप बार-बार रिपेमेंट में चूक करते हैं, तो बैंक आपकी FD को मैच्योरिटी से पहले ही तोड़ सकता है.

  • इन कार्ड पर आम क्रेडिट कार्ड की तुलना में कम या सीमित रिवार्ड और बेनिफिट मिल सकते हैं.

FD-बैक्ड क्रेडिट कार्ड से इस तरह बनाएं क्रेडिट स्कोर

अच्छी क्रेडिट हिस्ट्री या स्कोर बनाए रखना बहुत मुश्किल नहीं है. छोटी-छोटी सावधानियां -- जैसे समय पर बिल भरना और कम क्रेडिट इस्तेमाल करना -- आपकी फाइनेंशियल क्रेडिबिलिटी को मजबूत कर सकती हैं.

  • क्रेडिट हिस्ट्री की नई शुरुआत: FD-बैक्ड कार्ड के लिए आम क्रेडिट हिस्ट्री की जरूरत नहीं होती. इन्हें खराब क्रेडिट हिस्ट्री वाले लोग भी ले सकते हैं.

  • समय पर रिपेमेंट करें: IDFC Bank के मुताबिक, रिपेमेंट हिस्ट्री आपके क्रेडिट स्कोर का 35% हिस्सा कवर करती है. इसलिए समय पर रिपेमेंट करना बेहद जरूरी है.

  • क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो कंट्रोल करें: एक अच्छे क्रेडिट स्कोर के लिए आपका क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो 30% के अंदर होना चाहिए. यह रेशियो बताता है कि कोई व्यक्ति अपनी कुल उपलब्ध क्रेडिट लिमिट की तुलना में कितना क्रेडिट इस्तेमाल कर रहा है. एक FD-बैक्ड क्रेडिट कार्ड आपकी कुल उपलब्ध क्रेडिट लिमिट बढ़ाकर आपके क्रेडिट स्कोर को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है.

  • बार-बार अप्लाई करने से बचें: कम समय में कई कार्ड के लिए अप्लाई करने से क्रेडिट स्कोर गिर सकता है. FD-बैक्ड कार्ड आसानी से मिल जाते हैं, इसलिए जल्दबाजी में कई जगह अप्लाई करने से बचें.

  • समय के साथ क्रेडिट स्कोर बनाएं: लगातार 6 से 12 महीने समय पर रिपेमेंट करने के बाद आप बैंक से क्रेडिट लिमिट बढ़ाने कि रिक्वेस्ट कर सकते हैं. लिमिट बढ़ने से क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो घटता है, जिससे स्कोर बेहतर होता है. बाद में आप अनसिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड के लिए भी एलिजिबल हो सकते हैं.

FD-बैक्ड क्रेडिट कार्ड लेने से पहले उसकी शर्तें और बारीकियां समझना जरूरी है. ध्यान रखें कि अगर आप क्रेडिट कार्ड का बकाया समय पर नहीं चुकाते हैं तो आपकी FD टूट सकती है.

मनीकंट्रोल ऐप और वेबसाइट पर आप FD-बैक्ड क्रेडिट कार्ड के बारे में विस्तार से जानकारी हासिल कर सकते हैं. मनीकंट्रोल पर आप शॉपिंग, ट्रैवल और रिवार्ड जैसी जरूरतों के लिए बेस्ट कार्ड एक्स्प्लोर कर सकते हैं. साथ ही, आप पेपरलेस प्रोसेस के जरिए ऑनलाइन ही अप्लाई कर सकते हैं.

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