CBI ने Air India के पूर्व CMD, IBM, SAP के खिलाफ फाइल की चार्जशीट, सॉफ्टवेयर खरीद में गड़बड़ी से जुड़ा है मामला

जांच एजेंसी से जुड़े लोगों ने कहा कि करीब छह साल की जांच के बाद CBI ने आईपीसी की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश) और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के प्रावधानों के तहत आरोप पत्र दायर किया है। यह चार्जशीट एयर इंडिया के पूर्व सीएमडी CMD, IBM, SAP और छह अन्य के खिलाफ दायर किया गया है

अपडेटेड Feb 04, 2024 पर 9:00 PM
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CBI ने एयर इंडिया के पूर्व CMD, SAP इंडिया और IBM के खिलाफ रविवार को चार्जशीट फाइल कर दिया है।

CBI ने एयर इंडिया (Air India) के पूर्व CMD, SAP इंडिया और IBM के खिलाफ रविवार को चार्जशीट फाइल कर दिया है। यह मामला 2011 में एयर इंडिया के 225 करोड़ रुपये में सॉफ्टवेयर खरीदने के मामले में कथित गड़बड़ी से जुड़ा हुआ है। मामले की जानकारी रखने वाली जांच एजेंसी के लोगों ने बताया कि CBI ने केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) की सिफारिश पर मामला दर्ज किया है। CVC की जांच में पहली नजर में पाया गया है कि सॉफ्टवेयर की खरीद में प्रक्रियागत अनियमितताएं हैं।

जांच एजेंसी से जुड़े लोगों ने कहा कि करीब छह साल की जांच के बाद CBI ने आईपीसी की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश) और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के प्रावधानों के तहत आरोप पत्र दायर किया है। यह चार्जशीट एयर इंडिया के पूर्व सीएमडी अरविंद जाधव, आईबीएम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, एसएपी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और छह अन्य के खिलाफ दायर किया गया है।

क्या हैं आरोप?


CVC ने सीबीआई को लिखे पत्र में कहा कि एयर इंडिया के मुख्य सतर्कता अधिकारी की प्रारंभिक जांच से पता चला है कि कंपनी ने उचित टेंडर प्रक्रिया का पालन किए बिना SAP AG से एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP) सॉफ्टवेयर सिस्टम खरीदी थी। यह भी आरोप लगाया गया कि इस संबंध में सिविल एविएशन मिनिस्ट्री से कोई मंजूरी नहीं मिली थी। जबकि एयर इंडिया ने दावा किया था कि उसने 9 जुलाई 2009 को सचिवों के ग्रुप के समक्ष और 2010 में मंत्रियों के ग्रुप के समक्ष एक प्रेजेंटेशन दी थी।

आयोग ने कहा था कि एयर इंडिया ने इसकी जरूरत को उचित ठहराए बिना दुनिया के सबसे बड़े ERP प्रोवाइडर से सॉफ्टवेयर सेलेक्ट किया था क्योंकि ओरेकल की समान सिस्टम पहले से ही ऑपरेशन में थी। यह कहा गया था कि ओरेकल सिस्टम में कुछ समस्याएं थीं लेकिन उन्हें ठीक करने या मौजूदा सिस्टम को अपग्रेड करने के लिए स्पष्ट रूप से कोई प्रयास नहीं किए गए थे। सीवीसी ने नोट में कहा कि इसके अलावा नए ERP सॉफ्टवेयर की खरीद के लिए ओपन टेंडर सिस्टम नहीं अपनाई गई। इसके बजाय, नॉमिनेशन के आधार पर SAP और IBM को कॉन्ट्रैक्ट दिया गया।

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