कॉम्पिटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने मंगलवार 18 मार्च को कई बड़ी ग्लोबल एडवर्टाइजिंग एजेंसियों के ऑफिसों पर छापे मारे। इनमें ग्रुपएम (GroupM), डेंटसू (Dentsu) और इंटरपब्लिक ग्रुप (Interpublic Group) के अलावा एक ब्रॉडकास्टर इंडस्ट्री ग्रुप भी शामिल है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कीमतों को लेकर कथित मिलीभगत के आरोप में इन कंपनियों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, CCI के अधिकारियों ने लगभग 10 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह मामला एडवर्टाइजिंग एजेंसियों और बड़े ब्रॉडकास्टर्स के विज्ञापन के रेट और डिस्काउंट तय करने में कथित मिलीभगत करने से जुड़ा हुआ है। छापेमारी मुख्य रूप से मुंबई, नई दिल्ली और गुरुग्राम में की गई। सीसीआई ने हाल ही में इस मामले में कस दर्ज किया था।
Storyboard18 को सूत्रों ने बताया कि, GroupM के मुंबई एयरपोर्ट के पास स्थित ऑफिस Bay 99 को CCI अधिकारियों ने घेर लिया है और जांच जारी है।
CCI अधिकारी आमतौर पर ऐसी अचानक छापेमारी जांच से जुड़े अहम डॉक्यूमेंट जब्त करने के इरादे से करते हैं और कंपनी अधिकारियों के बयान दर्ज करते हैं। यह जांच कई महीनों तक चल सकती है, और इस दौरान पूरी प्रक्रिया को गोपनीय रखा जाता है।
इंडियन ब्रॉडकास्टिंग और डिजिटल फाउंडेशन ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। CCI भी अपनी इनफोर्समेंट कार्रवाई या प्राइस में मिलीभगत से जुड़े मामलों को सार्वजनिक नहीं करता।
पहले भी हुई है CCI की बड़ी कार्रवाई
इससे पहले दिसंबर 2024 में, CCI ने एल्कोहल इंडस्ट्री के दिग्गज पर्नो रिकार्ड (Pernod Ricard) और एन्हेसर-बुश इनबेव (Anheuser-Busch InBev) के दफ्तरों पर छापा मारा था। यह कार्रवाई साउथ इंडिया के एक राज्य में रिलेट विक्रेताओं के साथ मूल्य मिलीभगत के आरोपों को लेकर की गई थी।