'भारत में आलू से भी सस्ता है सीमेंट', पार्थ जिंदल ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के दावों को किया खारिज

भारत में आज की तारीख में सीमेंट का भाव आलू से भी सस्ता है। ये कहना है JSW सीमेंट और JSW पेंट्स के मैनेजिंग डायरेक्टर पार्थ जिंदल का। इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के उस दावे का भी जोरदार खंडन किया, जिसमें उन्होंने सीमेंट इंडस्ट्री में गुटबाजी की बात कही थी। गडकरी कई मौकों पर सीमेंट इंडस्ट्री में गुटबाजी की बात कहते कह चुके हैं

अपडेटेड Jan 24, 2025 पर 1:52 PM
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में दावा किया था कि सीमेंट इंडस्ट्री "कुछ लोगों के हाथों में है

भारत में आज की तारीख में सीमेंट का भाव आलू से भी सस्ता है। ये कहना है JSW सीमेंट और JSW पेंट्स के मैनेजिंग डायरेक्टर पार्थ जिंदल का। इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के उस दावे का भी जोरदार खंडन किया, जिसमें उन्होंने सीमेंट इंडस्ट्री में गुटबाजी की बात कही थी। गडकरी कई मौकों पर सीमेंट इंडस्ट्री में गुटबाजी की बात कहते कह चुके हैं। दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मंच पर एक इंटरव्यू के दौरान पार्थ जिंदल ने कहा कि सीमेंट इंडस्ट्री में गुटबाजी के आरोप सहीं नहीं है और यह एक "गलत धारणा" है।

नितिन गडकरी ने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान दावा किया था कि सीमेंट इंडस्ट्री "कुछ लोगों के हाथों में है।" यह पहला मौका नहीं था जब गडकरी ने सीमेंट इंडस्ट्री में कीमतें तय करने के तरीकों के बारे में चिंता जताई। जनवरी 2021 में भी उन्होंने प्रधानमंत्री को एक लेटर लिखकर आरोप लगाया था कि इन इंडस्ट्रीज के बड़ी कंपनियां कृत्रिम रूप से दाम बढ़ा रही हैं, जिससे सरकार के 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने के सपने को हासिल करना मुश्किल हो रहा है।

गडकरी के दावों को खारिज करते हुए पार्थ जिंदल ने कहा, "अगर आप भारतीय सीमेंट इंडस्ट्री में पिछले 10 सालों में हुई बढ़ोतरी का CAGR ( कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) निकालें तो,यह 1% से भी कम है। असल में, भारत में सीमेंट का भाव आज आलू से भी सस्ता है। मुझे लगता है कि हमें यहां ये सवाल पूछने की जरूरत है कि जब सीमेंट इंडस्ट्री की कंपनियां, जिसमें बड़ी कंपनियां भी शामिल हैं, घाटे में चल रही हैं तो फिर ऐसी धारणा क्यों बनी हुई है।"


गडकरी के इस दावे पर कि सीमेंट कंपनियां कार्टेल जैसे व्यवहार के जरिए दाम को कृत्रिम तरीके से बढ़ा रही हैं, जिंदल ने कहा, "मुझे सच में इन टिप्पणियों का मतलब समझ नहीं आ रहा है।" जिंदल ने कहा कि ऊंची कीमतों को लेकर सीमेंट इंडस्ट्री की जो छवि बनी है, वह गलत है और इसके पीछे आर्थिक दबाव और बाजार में कड़े कॉम्पिटीशन जैसे कारण जिम्मेदार हैं।

JSW Cement के एमडी ने यह भी बताया कि सीमेंट कंपनी Nuvoco Vistas ने वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही में घाटा दर्ज किया है। उन्होंने कहा, "आप Nuvoco को देखें, उन्होंने अभी-अभी घाटे का ऐलान किया है। प्रॉफिटबिलिटी अपने सबसे निचले स्तर पर है। EBITDA मार्जिन अपने न्यूनतम स्तर पर हैं, और बाजार में कॉम्पिटीशन अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर है।"

जिंदल ने कहा कि भारत बड़े पैमाने और इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार की दिशा में आगे बढ़ रहा है और इसके चलते सीमेंट सेक्टर की मांग आगे भी मजबूत बनी रहने की उम्मीद है। न्होंने कहा कि भारत की जीडीपी ग्रोथ के मुताबिक सीमेंट बाजार भी विस्तार कर रहा है, और मध्यम अवधि में इसमें 7-8% की सालाना ग्रोथ की उम्मीद है। उन्होंने कहा "हमारा लक्ष्य अगले पांच सालों में 10% मार्केट शेयर हासिल करना है और यह आगामी सालों में संभव होगा।"

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