ChatGPT की पेरेंट कंपनी OpenAI अपनी खुद की आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस (AI) चिप्स बनाना चाहती है। इसके लिए कंपनी ने एक्वीजीशन टार्गेट भी ढूंढ लिया है। रॉयटर्स को मिली जानकारी के मुताबिक, कंपनी ने अभी तक आगे बढ़ने का फैसला नहीं किया है। लेकिन मामले से परिचित लोगों का कहना है कि पिछले कम से कम एक साल से इसने महंगे AI चिप्स की कमी का समाधान निकालने के लिए कई विकल्पों पर चर्चा की है। इन विकल्पों में खुद की AI चिप का निर्माण, एनवीडिया सहित अन्य चिप मेकर्स के साथ और मिलजुलकर काम करना और एनवीडिया से आगे बढ़ते हुए अपने सप्लायर्स में विविधता लाना शामिल है।
OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने अधिक AI चिप्स की खरीद को कंपनी के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता बना दिया है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स की कमी के बारे में शिकायत की है। इस बाजार में एनवीडिया का दबदबा है, जो AI एप्लीकेशंस को चलाने के लिए सबसे उपयुक्त चिप्स के वैश्विक बाजार के 80% से अधिक को नियंत्रित करती है। अधिक चिप्स प्राप्त करने की OpenAI की कोशिश के पीछे दो चिंताएं हैं। पहली, OpenAI के सॉफ्टवेयर को पावर देने वाले एडवांस्ड प्रोसेसर की कमी और दूसरी, इसके प्रयासों और प्रोडक्ट्स को पावर देने के लिए जरूरी हार्डवेयर को चलाने से जुड़ी भारी लागत।
सस्ता नहीं है ChatGPT चलाना
2020 के बाद से, OpenAI ने Microsoft द्वारा बनाए गए एक विशाल सुपरकंप्यूटर पर अपनी जनरेटिव AI टेक्नोलोजिज को विकसित किया है। यह सुपरकंप्यूटर Nvidia की 10,000 ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स (GPUs) का इस्तेमाल करता है। इसलिए ChatGPT चलाना कंपनी के लिए काफी महंगा है। अपने खुद के एआई चिप्स विकसित करने की कोशिश OpenAI को अल्फाबेट के Google और Amazon.com जैसी बड़ी टेक कंपनियों के एक छोटे समूह में पहुंचा देगी। इन कंपनियों ने उन चिप्स को डिजाइन करने पर नियंत्रण लेने की मांग की है, जो उनके व्यवसायों के लिए फंडामेंटल हैं।
खुद की चिप मतलब भारी निवेश
यह स्पष्ट नहीं है कि OpenAI कस्टम चिप बनाने की योजना के साथ आगे बढ़ेगी या नहीं। इंडस्ट्री एक्सपर्ट का कहना है कि ऐसा करना एक बड़ी रणनीतिक पहल तो होगी लेकिन इसमें भारी निवेश होगा, जिसकी लागत प्रति वर्ष करोड़ों डॉलर हो सकती है। एक चिप कंपनी के अधिग्रहण से OpenAI की अपनी चिप बनाने की प्रक्रिया में तेजी आ सकती है। अपने चिप विकसित करने के OpenAI के इस प्लान को पूरा होने में कई साल लग सकते हैं।