क्रिप्टोकरेंसी पर चीन का कड़ा रुख बरकरार, स्टेबलकॉइन पर भी जताई चिंता, कार्रवाई तेज करने की तैयारी

चीन के केंद्रीय बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBOC) ने एक बार फिर साफ किया है कि देश में वर्चुअल करेंसी को लेकर उसका कड़ा रुख जारी रहेगा। बैंक ने शनिवार को चेतावनी दी कि हाल के सप्ताहों में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर सट्टेबाजी बढ़ी है, जिससे फाइनेंशियल रिस्क के कंट्रोल को लेकर नई चिंताएं सामने आई हैं

अपडेटेड Nov 29, 2025 पर 11:06 PM
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चीन ने 2021 में ही क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग पर पूरी तरह से बैन लगा दिया था

चीन के केंद्रीय बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBOC) ने एक बार फिर साफ किया है कि देश में वर्चुअल करेंसी को लेकर उसका कड़ा रुख जारी रहेगा। बैंक ने शनिवार को चेतावनी दी कि हाल के सप्ताहों में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर सट्टेबाजी बढ़ी है, जिससे फाइनेंशियल रिस्क के कंट्रोल को लेकर नई चिंताएं सामने आई हैं।

पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBOC) ने एक बयान में बताया कि उसने शुक्रवार को वर्चुअल करेंसी रेगुलेशन पर एक कोऑर्डिनेटिंग मीटिंग की। इस मीटिंग में केंद्रीय बैंक ने कहा कि हाल ही में कई वजहों से क्रिप्टोकरेंसी को लेकर सट्टेबाजी बढ़ी है, जिससे रिस्क कंट्रोल के लिए नई चुनौतियां सामने आई हैं।

बैंक ने साफ किया कि वर्चुअल करेंसी को चीन में किसी भी रूप में लीगल करेंसी का दर्जा प्राप्त नहीं है और इन्हें बाजार में लीगल टेंडर के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। केंद्रीय बैंक ने दोहराया कि वर्चुअल करेंसी से जुड़ी सभी बिजनेस गतिविधियां अवैध वित्तीय गतिविधियों की कैटेगरी में आती हैं।


स्टेबलकॉइन पर बढ़ती नजर, मनी लॉन्ड्रिंग का खतरा

PBOC ने बयान में स्टेबलकॉइन को लेकर भी गंभीर चिंताएं जताईं। बैंक का कहना है कि स्टेबलकॉइन ग्राहक पहचान (KYC) और मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक नियमों (AML) का पालन करने में विफल रहते हैं, जिसके चलते उनका इस्तेमाल अवैध गतिविधियों में हो सकता है।

केंद्रीय बैंक ने चेतावनी दी कि स्टेबलकॉइन का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग, धोखाधड़ी, अवैध सीमा-पार लेनदेन जैसी गैर-कानूनी गतिविधियों में होने का जोखिम तेजी से बढ़ रहा है।

कड़ी कार्रवाई की तैयारी

पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने कहा कि वह वर्चुअल करेंसी से जुड़ी अवैध वित्तीय गतिविधियों पर अपनी कार्रवाई को और तेज करेगा ताकि आर्थिक और फाइनेंशियल सिस्टम में स्थिरता बनाए रखी जा सके।

PBOC के गवर्नर पान गोंगशेंग ने भी अक्टूबर में संकेत दिया था कि चीन में वर्चुअल करेंसी से जुड़ी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी जारी रहेगी। वहीं विदेशों में विकसित हो रहे स्टेबलकॉइन के ट्रेंड पर भी बारीकी से नजर रखी जाएगी।

हांगकांग में भी लाइसेंस पर रोक, चीन में ट्रेडिंग अभी भी बैन

हांगकांग ने स्टेबलकॉइन के लिए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क बनाया है, लेकिन अभी तक किसी भी स्टेबलकॉइन इश्यूअर को लाइसेंस जारी नहीं कर पाया है। दूसरी ओर चीन ने 2021 में ही क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग पर पूरी तरह से बैन लगा दिया था।

बैन के बावजूद चीन में बढ़ रही बिटकॉइन माइनिंग

दिलचस्प रूप से, नियमों के बावजूद चीन में बिटकॉइन माइनिंग चुपचाप बढ़ रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, कई व्यक्तिगत और कॉरपोरेट माइनर्स चीन के एनर्जी-समृद्ध राज्यों में सस्ती बिजली और डेटा सेंटर बूम का फायदा उठाकर माइनिंग गतिविधियां चला रहे हैं।

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