Dabur क्लाउड माइग्रेशन पूरा करने वाली पहली भारतीय FMCG कंपनी बन गई है। इस कदम का मकसद बिजनेस में डाबर की रेजिलेंस (Resilience) बढ़ाना और उसके आईटी ऑपरेशन पर कंट्रोल को मजबूत करना है। इस बदलाव से रिटेलर्स, पार्टनर्स, कर्मचारियों और कंज्यूमर्स के लिए सर्विसेज बेहतर होने की उम्मीद है। क्लाउड-ओनली मॉडल को अपनाकर डाबर अपने सभी ऑपरेशन में 360-डिग्री निगरानी सुनिश्चित कर सकेगा, जिससे एफिशिएंसी और पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।
डाबर इंडिया के ग्लोबल चीफ इन्फॉर्मेंशन का बयान
डाबर इंडिया लिमिटेड के ग्लोबल चीफ इन्फॉर्मेंशन कौस्तुभ डबराल ने कहा, "क्लाउड, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इसकी मजबूत डेटा फाउंडेशन की मदद से डाबर को एक इंटेलिजेंट, सस्टेनेबल एंटरप्राइज में बदल दिया जाएगा। इसमें नए प्रोडक्ट्स और सर्विसेज को तेजी से इनोवेट करने और बेहतर कस्टमर एक्सपीरियंस प्रदान करने की क्षमता होगी। इस कदम से डाबर को कार्बन उत्सर्जन पर अंकुश लगाने और 2045 तक नेट जीरो हासिल करने में भी मदद मिलेगी।"
इस डिजिटल कोर की स्थापना डाबर को रियल टाइम पर डेटा इनसाइट्स हासिल करने में सक्षम बनाती है। SAP और माइक्रोसॉफ्ट जैसे इंडस्ट्री लीडर्स के सहयोग से क्लाउड माइग्रेशन 10 महीनों में पूरा किया गया। इसमें Accenture ने इम्प्लीमेंटेशन पार्टनर की भूमिका निभाई, जबकि Thoucentric ने Xoriant के तहत प्रोग्राम मैनेजमेंट और गवर्नेंस का निरीक्षण किया। Azure पसंदीदा प्राइमरी क्लाउड प्लेटफॉर्म के रूप में उभरा।
सभी कंप्यूटर प्रोग्रामों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर किया गया ट्रांसफर
डाबर ने अपने सभी कंप्यूटर प्रोग्रामों को अपने डेटा सेंटर से Microsoft Azure और SAP RISE जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ट्रांसफर कर दिया है। नॉन-SAP प्रोग्राम Azure पर हैं, और SAP वाले RISE पर हैं। इस बदलाव के साथ डाबर अपने डिजिटल सिस्टम को अपग्रेड करने के लिए ओपन AI जैसी एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने वाली पहली बड़ी भारतीय कंज्यूमर कंपनी है। SAP के साथ RISE का यह कदम डाबर को बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए बिजनेस मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर का एक पूरा सेट प्रदान करता है।