लॉजिस्टिक्स कंपनी डेल्हीवेरी (Delhivery) ने गो फर्स्ट (Go First) पर दिवालिया याचिका दाखिल करने से ठीक पहले उससे जानबूझकर पैसे लेने का आरोप लगाया है। डेल्हीवेरी (Delhivery) गो फर्स्ट (Go First) की दिवालिया याचिका मामले में दाखिल अपने आवेदन में कहा कि एयरलाइन को पता था कि वह स्वैच्छिक दिवालियपन के लिए आवेदन करने जा रही है, इसके बावजूद उसने जानबूझकर उनसे पैसे लिए। डेल्हीवेरी ने नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (NCLT) के सामने अपने आवेदन में कहा कि, एयरलाइन ने घरेलू कॉर्गो कंसाइनमेंट से जुड़ी सेवाएं देने के लिए उससे करीब 1.58 करोड़ रुपये लिए थे, लेकिन उसने इस पर कभी कोई एक्शन नहीं लिया।
