वित्तीय दबावों से जूझ रही घरेलू विमानन कंपनी स्पाइसजेट (SpiceJet) को कोरोना महामारी के दौरान तगड़ा झटका लगा। बकाए के चलते इसके 13 बोइंग 737 मैक्स एयरक्राफ्ट उड़ान भर नहीं पा रहे हैं। ऐसे में अब कंपनी ने पट्टा देने वालों को निवेशक बनाने का प्रस्ताव रखा है। इसका मतलब हुआ कि कर्ज चुकता करने की बजाय कंपनी ने पट्टेदारों को इक्विटी हिस्सेदारी देने की योजना तैयारी की है। इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक एयरक्राफ्ट लीजिंग कंपनियों के 2500 करोड़ रुपये के बकाए को दो स्टेप में पूरा करने की योजना है।
ये है SpiceJet का पूरा प्लान
कंपनी ने करीब चार साल पहले वर्ष 2018 में कार्गो डिविजन के तौर पर सब्सिडियरी स्पाइसएक्सप्रेस (SpiceXpress) का गठन किया था। योजना के पहले चरण के तहत स्पाइसजेट पहले अपने कार्गो अंडरटेकिंग को स्पाइसएक्सप्रेस को ट्रांसफर करेगी। इसके बाद यह स्पाइसजेट को कंसल्सरली कंवर्टिबल डिबेंचर्स (CCDs) जारी करेगी। योजना के दूसरे स्टेप के तहत स्पाइसजेट पट्टेदारों को लीज पेमेंट्स के बदले में सीसीडी लेने का विकल्प देगी।
7 हजार करोड़ की देनदारी है कंपनी पर
स्पाइसजेट के प्रमुख अजय सिंह ने विमानन कंपनी की वित्त वर्ष 2021-22 की सालाना रिपोर्ट में जानकारी दी थी कि कंपनी ने मैन्यूफैक्चरर्स और पट्टेदारों समेत अधिकतर अहम पार्टनर्स के साथ कई सेटलमेंट्स किए है। अगस्त में उन्होंने कहा कि स्पाइसजेट नए निवेशकों से इक्विटी निवेश के जरिए 2 हजार करोड़ रुपये जुटाने की कोशिश करेगी।
सितंबर 2022 तिमाही के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक स्पाइस जेट पर कुल 7 हजार करोड़ रुपये की शॉर्ट टर्म और लांग टर्म देनदारी है। हालांकि इनमें से सभी बकाया नहीं है। अब कंपनी की योजना पट्टेदारों के तत्काल बकाए को पूरा करना है और उनमें से 10 के सामने कंपनी ने अपना प्रस्ताव पेश कर दिया है। हालांकि मनीकंट्रोल इसकी पुष्टि नहीं कर सकता है।
सितंबर तिमाही में कंपनी के घाटे में बढ़ोतरी
14 नवंबर को कंपनी ने सितंबर 2022 तिमाही के नतीजे घोषित किए और इसके मुताबिक जुलाई-सितंबर 2022 में स्पाइसजेट को 837.8 करोड़ रुपये का नेट लॉस हुआ। एक साल पहले सितंबर 2022 तिमाही में कंपनी को 561.7 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। हालांकि विमानन कंपनी ने दिसंबर 2022 तिमाही में ऑपरेशंस और रीस्ट्रक्चरिंग बेनेफिट्स में सुधार की उम्मीद जताई थी।