Get App

फेक लोन: पर्सनल लोन के नाम पर होने वाले इस फ्रॉड से ऐसे बचाएं अपनी जेब

डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म्स के बढ़ने के साथ-साथ फेक लोन स्कैम के मामले भी बढ़ गए हैं. इस फ्रॉड से बचने के लिए एडवांस फीस, असिक्योर्ड वेबसाइट और अस्पष्ट शर्तों जैसे रेड फ्लैग्स को लेकर सतर्क रहना जरुरी है.

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 09, 2026 पर 4:26 PM
फेक लोन: पर्सनल लोन के नाम पर होने वाले इस फ्रॉड से ऐसे बचाएं अपनी जेब

डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म्स के आने से भारत के फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर में जबरदस्त बदलाव आया है. अब पर्सनल लोन के ऑफर एक्सेस करना और मोबाइल के जरिए कुछ ही मिनटों में लोन लेना बेहद आसान हो गया है. भारत में डिजिटल लेंडिंग का इकोसिस्टम तेजी से डेवलप हो रहा है और बैंक व नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियां (NBFCs) ग्राहकों की अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कस्टमाइज्ड लोन प्रोडक्ट ऑफर कर रही हैं.

हालांकि, इंस्टेंट लोन ऐप्स की संख्या बढ़ने के साथ ही असली और फर्जी लेंडिंग प्लेटफॉर्म्स के बीच फर्क करना भी मुश्किल होता जा रहा है. ऑनलाइन स्कैम अब बड़ी चिंता का विषय बन चुका है. ‘फेक लोन’ भी एक ऐसा ही स्कैम है, जिसके जरिए साइबर अपराधी लोगों को अक्सर ठगते हैं. ये स्कैमर्स अब पहले से ज्यादा शातिर हो गए हैं और फर्जी वेबसाइट, सोशल मीडिया विज्ञापनों और फोन कॉल्स के जरिए भोले-भाले लोगों से पैसे ठगते हैं. ये फेक लोन ऑफर अक्सर बहुत आकर्षक लगते हैं. इनमें इंस्टेंट अप्रूवल और सस्ती ब्याज दरों का लालच दिया जाता है, जिससे लोन लेने वाले धोखा खा जाते हैं. 

इसलिए, लोन लेने से पहले सावधानी बरतना बेहद जरूरी है. लोन से पहले हर एप्लिकेंट को लेंडर की अच्छे से जांच कर लेनी चाहिए ताकि फेक लोन स्कैम से बचा जा सके. आइए जानते हैं कि असली और फर्जी लोन के बीच कैसे फर्क किया जाए. 

सब समाचार

+ और भी पढ़ें