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Finova Capital का ₹800 करोड़ जुटाने का प्लान, इन निवेशकों से चल रही बातचीत

एमएसएमई को लोन बांटने वाली नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) फिनोवा कैपिचल प्राइवेट लिमिटेड (FCPL) इक्विटी के जरिए 800 करोड़ रुपये जुटाने की कोशिशों में है। इसे लेकर यह नए निवेशकों अवतार वेंचर पार्टनर्स, मेडिसन इंडिया कैपिटल और बेल्जियम इनवेस्टमेंट फंड सोफिना से बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है। यह फंड प्राइमरी और सेकंडरी, दोनों मार्केट में जुटाया जाएगा और इसमें मौजूदा निवेशक भी हिस्सा लेंगे

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Sep 13, 2024 पर 12:55 PM
Finova Capital का ₹800 करोड़ जुटाने का प्लान, इन निवेशकों से चल रही बातचीत
फिनोवा कैपिटल ऐसे समय में नए निवेशकों से बातचीत कर रहा है, जब एनबीएफसी फिनटेक कंपनियों का फोकस माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (MSMEs) और स्मॉल मीडियम बिजनेसेज (SMBs) पर है।

एमएसएमई को लोन बांटने वाली नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) फिनोवा कैपिचल प्राइवेट लिमिटेड (FCPL) इक्विटी के जरिए 800 करोड़ रुपये जुटाने की कोशिशों में है। इसे लेकर यह नए निवेशकों अवतार वेंचर पार्टनर्स, मेडिसन इंडिया कैपिटल और बेल्जियम इनवेस्टमेंट फंड सोफिना से बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है। मनीकंट्रोल को यह जानकारी सूत्रों के हवाले से मिली है। यूत्रों के मुताबिक यह प्राइमरी और सेकंडरी, दोनों मार्केट में जुटाया जाएगा और इसमें मौजूदा निवेशक भी हिस्सा लेंगे। जयपुर की इस एनबीएफसी ने इससे पहले नॉर्वेस्ट वेंचर पार्टनर्स (Norwest Venture Partners), एमएजे इनवेस्ट (Maj Invest), फाएरिंग कैपिटल (Faering Capital) और Peak XV से 6.5 करोड़ डॉलर जुटाए थे।

Finova Capital के बारे में

बैंकर रह चुके मोहित साहनी और उनकी पत्नी सुनीता ने फिनोवा कैपिटल की नींव डाली थी। यह मुख्य रूप से अचल संपत्तियों को गिरवी रखकर एमएसएमई लोन बांटती है और होम लोन भी देती है। इसका फोकस गांवों और सेमी-अर्बन एरियाज पर हैं। इसके पोर्टफोलियो का करीब 91 फीसदी सेमी-अर्बन एरियाज का है। कंपनी की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक यह ऐसे लोगों को सपोर्ट करती है जिनके पास आईटीआर या सैलरी स्लिप जैसे अहम डॉक्यूमेंट्स नहीं होते हैं। चूंकि इनके पास ये अहम डॉक्यूमेंट्स नहीं होते हैं तो बैंकों से इन्हें लोन नहीं मिल पाता है। लोन बांटने के लिए यह लोन लेने वाली की क्रेडिट हिस्ट्री की बजाय कैश फ्लो एनालिसिस करती है। MSME फाइनेंसिंग में इसका औसतन टिकट साइज 3.6 लाख रुपये है।

इसने अब तक 3743 करोड़ रुपये लोन में बांटे हैं जिसमें से 73 फीसदी तो पिछले ढाई साल में ही बांटे गए हैं। वित्त वर्ष 2023 में इसने 897.33 करोड़ रुपये का लोन बांटा था जो वित्त वर्ष 2024 में उछलकर 1349 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसके चलते जून 2024 तिमाही तक के आंकड़ों के हिसाब से कंपनी का नेट इंटेरेस्ट मार्जिन उछलकर 15.13 फीसदी पर पहुंच गया। केयर रेटिंग्स की रिपोर्ट के मुताबिक इसका कारोबार मुख्य रूप से राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में फैला हुआ है और अब यह आक्रामक तरीके से कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में विस्तार कर रही है। इसका कारोबार देश के 14 राज्यों में फैला हुआ है और इसके 300 से अधिक ब्रांच हैं। इसका ग्रॉस एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) सालाना आधार पर 63 फीसदी से उछलकर 2656 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

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