प्रियागोल्ड बिस्किट में जानवरों के चारे वाला चोकर! FSSAI ने शुरू की कानूनी कार्यवाही, लाइसेंस सस्पेंड

FSSAI ने शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट में तीनों कंपनियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन को लेकर कानूनी कार्यवाही शुरू किए जाने की जानकारी दी। प्रियागोल्ड बिस्किट बेचने वाली सूर्या फूड एंड एग्रो के प्लांट का निरीक्षण उपभोक्ताओं की शिकायत के बाद किया गया

अपडेटेड Oct 17, 2026 पर 4:13 PM
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पशु चारे के लिए बने चोकर का इस्तेमाल प्रियागोल्ड बिस्किट में फाइबर के स्रोत के तौर पर कच्चे माल के रूप में किया जा रहा था। (Image: Priyagold Insta)

फूड रेगुलेटर FSSAI ने प्रियागोल्ड बिस्किट बनाने में जानवरों के चारे वाले चोकर का इस्तेमाल करने के लिए सूर्या फूड एंड एग्रो के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू की है। कंपनी का FSSAI लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया है। कुछ दूसरे गंभीर उल्लंघनों को देखते हुए भी यह एक्शन लिया गया है। इसके अलावा भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने डोडला डेयरी और UEIR ऑर्गेनिक फूड्स के खिलाफ भी कानूनी कार्यवाही शुरू की है। डोडला डेयरी के फुल क्रीम दूध का सैंपल घटिया स्तर का पाया गया, जबकि UEIR ऑर्गेनिक फूड्स द्वारा बेची जाने वाली पीली किशमिश में कीटनाशकों (पेस्टिसाइड) के अवशेष मिले।

FSSAI ने शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट में इन तीनों कंपनियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन को लेकर कानूनी कार्यवाही शुरू किए जाने की जानकारी दी। FSSAI के अनुसार, प्रियागोल्ड बिस्किट बेचने वाली कंपनी सूर्या फूड एंड एग्रो के प्लांट का निरीक्षण उपभोक्ताओं की शिकायत के बाद किया गया। कंपनी के निरीक्षण में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़ी कई गंभीर खामियां सामने आईं।

प्रियागोल्ड में फाइबर के तौर पर इस्तेमाल हो रहा था पशु चारे वाला चोकर


FSSAI के मुताबिक, पशु चारे के लिए बने चोकर का इस्तेमाल प्रियागोल्ड बिस्किट बनाने में फाइबर के स्रोत के तौर पर कच्चे माल के रूप में किया जा रहा था। यह चोकर इंसानों के खाने के लिए नहीं है। चोकर से भरी बोरियों पर स्पष्ट रूप से मेंशन था कि यह मैटीरियल जानवरों के चारे के लिए है और इंसानों के उपभोग के लिए नहीं है। इसके अलावा प्लांट की स्वच्छता, कीट नियंत्रण (पेस्ट कंट्रोल), कच्चे माल के स्टोरेज और सेग्रेगेशन, कर्मचारियों की स्वच्छता, परिसर के मेंटेनेंस और इंटरमीडिएट फॉर्मूलेशंस के मैनेजमेंट में भी कमियां पाई गईं। इन गंभीर अनियमितताओं चलते FSSAI ने सूर्या फूड एंड एग्रो का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया है। कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू की गई है।

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डोडला डेयरी का मामला

जांच के लिए डोडला डेयरी से फुल क्रीम दूध का एक सैंपल लिया गया था। FSSAI को यह निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिला क्योंकि दूध में वसा (fat) की मात्रा निर्धारित न्यूनतम सीमा से कम थी। लिहाजा सैंपल को घटिया क्वालिटी का घोषित किया गया। कंपनी की अपील के बाद सैंपल को रेफरल फूड लैब में जांच के लिए भेजा गया। जांच में कंफर्म हुआ कि डिटर्जेंट/कॉस्टिक सोडा की मौजूदगी के कारण सैंपल असुरक्षित था, और दूध में वसा की मात्रा निर्धारित न्यूनतम सीमा से कम थी। इसके बाद डोडला डेयरी और प्रोडक्ट को बनाने व बेचने से जुड़े अन्य संबंधित फूड बिजनेस ऑपरेटर्स के खिलाफ मुकदमा शुरू करने की मंजूरी दी गई।

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