Go First : वाडिया ग्रुप की एयरलाइन कंपनी गो फर्स्ट की आर्थिक हालत बेहद खराब हो चुकी है। एयरलाइन ने खुद को दिवालिया घोषित करने के लिए एनसीएलटी (NCLT) में आवेदन किया है। इतना ही नहीं, एयरलाइन ने 3 और 4 मई की अपनी सभी उड़ानों को रद्द करने का निर्णय लिया है। नगदी की संकट के बीच एयरलाइन की आधे से अधिक विमान बंद पड़े हैं। एयरलाइन के प्रमुख कौशिक खोना का कहना है कि एयरलाइन को प्रैट एंड व्हिटनी (P&W) से इंजन की आपूर्ति नहीं मिलने की वजह से अपने बेड़े के आधे से अधिक यानी 28 विमानों को बंद करना पड़ा है।
लगभग 60000 पैसेंजर होंगे प्रभावित
मार्च महीने में गो फर्स्ट एयरलाइन पर 8.95 लाख यात्रियों ने सफर किया था। इस समय अप्रैल महीने के आंकड़े नहीं आए हैं। अब 3 और 4 मई की उड़ानों को रद्द करने के फैसले से 55,000 से 60,000 पैसेंजर प्रभावित होंगे। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा जारी आंकड़ों से पता चलता है कि चार मेट्रो हवाई अड्डों पर एयरलाइन का मार्च में सबसे खराब ऑन-टाइम प्रदर्शन (ओटीपी) 49.2 फीसदी था।
अगर आपने 3 या 4 मई के लिए गो फ़र्स्ट फ़्लाइट बुक की है, तो ध्यान रखें कि एयरलाइन के साथ आपका कॉन्टैक्ट डिटेल अपडेटेड हो, ताकि आपको सभी तरह की जरूरी जानकारी मिलती रहे। DGCA के नियम के तहत रद्द की गई उड़ान के लिए एयरलाइन को पूरा पैसा रिफंड करना जरूरी है। फ्लाइट कैंसिल होने की स्थिति में एयरलाइन कंपनियां या तो आपकी फ्लाइट की वैकल्पिक व्यवस्था करती हैं या फिर आपको आपके टिकट का पूरा रिफंड देती हैं.
अगर आप अंतिम समय में यात्रा के लिए कोई और फ्लाइट बुक करने का सोच रहे हैं तो जान लें कि इसका किराया काफी ज्यादा होगा। आमतौर पर अंतिम समय में फ्लाइट का किराया काफी ज्यादा होता है। देश के सबसे व्यस्त मार्ग मुंबई से दिल्ली के लिए सबसे सस्ती उड़ान 3 मई के लिए 10,000 रुपये से अधिक में बिक रही है। वहीं, दिल्ली से मुंबई के बीच सबसे सस्ती फ्लाइट का किराया 5000 रुपये से कुछ अधिक है। अन्य क्षेत्रों में जहां Go First की मौजूदगी है, जैसे कि मुंबई से लखनऊ के लिए सबसे सस्ती फ्लाइट का किराया 3 मई को 18,000 रुपये से अधिक है।