सरकार ने गर्मी बढ़ने से पहले बिजली की सप्लाई बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। केंद्रीय पावर मिनिस्टर आरके सिंह ने इस बारे में 22 मार्च को एक बैठक बुलाई थी। इस हाई लेवल बैठक में गैस से इलेक्ट्रिक बनाने वाली कंपनियों को बुलाया गया था। इसमें गर्मी बढ़ने से पहले कंपनियों को कुल एनर्जी में गैस आधारित इलेक्ट्रिसिटी की हिस्सेदारी बढ़ाने के उपाय करने को कहा गया। उन्होंने गैस की कीमतों में नरमी को देखते हुए गैस की खरीदारी बढ़ाने को कहा। पिछले छह महीनों में नेचुरल गैस की कीमतें करीब 30 फीसदी गिर चुकी हैं।
10,000 MW उत्पादन गैस से करने की तैयारी
अधिकारियों ने बताया कि आगे गर्मी बढ़ने पर पावर की डिमांड पीक पर पहुंच जाने की उम्मीद है। इससे पहले सरकार गैस आधारित पावर प्रोडक्शन बढ़ाकर करीब 10,000 MW करना चाहती है। सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (CEA) ने इस साल 16 मार्च से 30 जून के बीच पावर डिमांड तेजी से बढ़ने का अनुमान जताया है। 10,000 मेगवाट का यह उत्पादन एनटीपीसी की गैस-आधारित 5,000 MW की उत्पादन क्षमता के अतिरिक्त होगा।
अभी गैस से 3200-4200 MW उत्पादन
अभी गैस से करीब 3,200-4,200 MW बिजली का उत्पादन हो रहा है। इसमें से करीब 2,000-3,000 MW का उत्पादन एनटीपीसी कर रही है। बाकी 1,200 MW सरकार बाहर से खरीद रही है। बैठक में शामिल सीनियर अधिकारियों ने बताया कि सिंह ने बिजली उत्पादन करने वाली सभी कंपनियों को अपने गैस-आधारित पावर प्लांट्स चलाने को कहा है। डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियों के इसे नहीं खरीदने पर उन्हें इसे पावर एक्सचेंजों को बेचने को कहा गया है।
जेनरेशन कंपनियों को गैस की खरीदारी बढ़ाने के निर्देश
आरके सिंह ने पावर जेनरेशन कंपनियों को Gail India, IOC से गैस खरीदने के समझौते करने या स्पॉट मार्केट से खरीदने को कहा है। उन्होंने कंपनियों को यह याद दिलाया कि पावर मिनिस्ट्री ने 1 मार्च को इलेक्ट्रिसिटी रूल्स, 2022 में संशोधन किया है। इसके तहत पावर कंपनियों को सरप्लस पावर की सप्लाई पावर एक्सचेंजों को करना जरूरी है। गैस आधारित बिजली की खरीद पर कंपनियों की चिंता जताने पर सिंह ने काह कि उन्हें डिमांग बढ़ने की उम्मीद है, जिससे खरीदार तलाशने में दिक्कत नहीं आएगी।
यह भी पढ़ें: Holi Weather Updates: होली के दिन पड़ सकती है भीषण गर्मी, 40 डिग्री को पार करेगा तापमान, जानिए मौसम का हाल