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Infosys को ₹32400 करोड़ की GST डिमांड मामले में ढील देने के मूड में नहीं है सरकार

Infosys GST Pre-Show Cause Notice: इस बीच कहा जा रहा है कि इंफोसिस GST डिमांड नोटिस मामले में कर्नाटक हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने पर विचार कर रही है। कंपनी ने DGGI को प्री-शो कॉज नोटिस का जवाब देने के लिए 10 दिन का वक्त मांगा है। DGGI वस्तु एवं सेवा कर, केंद्रीय उत्पाद शुल्क और सर्विस टैक्स के उल्लंघन से संबंधित मामलों के लिए सर्वोच्च खुफिया और जांच एजेंसी है

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Aug 06, 2024 पर 4:00 PM
Infosys को ₹32400 करोड़ की GST डिमांड मामले में ढील देने के मूड में नहीं है सरकार
Infosys का तर्क है कि विदेशी शाखाओं द्वारा भारतीय यूनिट को प्रदान की जाने वाली सेवाएं जीएसटी के अंतर्गत नहीं आती हैं।

Infosys GST Demand: भारत सरकार, आईटी कंपनी इंफोसिस को पिछले महीने भेजी गई 32,403 करोड़ रुपये की जीएसटी डिमांड में किसी भी तरह की ढील देने पर विचार नहीं कर रही है। यह बात रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कही गई है। बताया गया है कि टैक्स की मांग जीएसटी नियमों के अनुसार है और इंफोसिस ने कर अधिकारियों से मुलाकात के बाद अपना जवाब देने के लिए 10 दिन का समय मांगा है। CNBC-TV18 ने भी रिपोर्ट दी है कि कंपनी ने DGGI को प्री-शो कॉज नोटिस का जवाब देने के लिए 10 दिन का वक्त मांगा है।

31 जुलाई को इंफोसिस तब सुर्खियों में आई, जब कर्नाटक राज्य जीएसटी प्राधिकरण और DGGI (Directorate General of Goods and Services Tax Intelligence) ने कंपनी को 2017 से शुरू 5 साल की अवधि के लिए अपनी विदेशी शाखाओं से प्राप्त सेवाओं के लिए 32,403 करोड़ रुपये का जीएसटी नोटिस दिया।

क्या था Infosys का तर्क

कंपनी ने नोटिस को प्री-शो कॉज नोटिस बताया था और स्पष्ट रूप से कहा था कि उल्लिखित खर्चों पर जीएसटी लागू नहीं है। कंपनी ने तर्क दिया था कि नियमों के मुताबिक, विदेशी शाखाओं द्वारा भारतीय यूनिट को प्रदान की जाने वाली सेवाएं जीएसटी के अंतर्गत नहीं आती हैं। एक दिन बाद इंफोसिस ने कहा कि जीएसटी के कर्नाटक प्राधिकरण ने कंपनी को भेजा गया प्री-शो कॉज नोटिस वापस ले लिया है। साथ ही इंफोसिस को निर्देश दिया है कि वह इस मसले पर DGGI के केंद्रीय प्राधिकरण को एक नया जवाब दे।

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