Vedanta June Quarter Result: माइनिंग सेक्टर की कंपनी वेदांता लिमिटेड का अप्रैल-जून 2024 तिमाही में शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 54 प्रतिशत बढ़कर 5,095 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 3,308 करोड़ रुपये था। मुनाफे में इजाफे की वजह जिंक, शीशा, कॉपर और निकल की कीमतों में तेजी है। अनिल अग्रवाल की कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया है कि तिमाही के दौरान वेदांता लिमिटेड के मालिकों के लिए मुनाफा 3,606 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले 2,640 करोड़ रुपये था।
जून 2024 तिमाही में Vedanta का ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 5.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 35,239 करोड़ रुपये रहा, जो जून 2023 तिमाही में 33,342 करोड़ रुपये था। जून 2024 तिमाही में कुल खर्च घटकर 30,772 करोड़ रुपये पर आ गए। जून 2023 तिमाही में खर्च 31,973 करोड़ रुपये के रहे थे।
कंसोलिडेटेड EBITDA सालाना आधार पर 47 प्रतिशत की बढ़त के साथ 10,275 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। EBITDA मार्जिन 1000 बीपीएस की वृद्धि के साथ 34 प्रतिशत रहा। कंपनी ने बताया कि जून 2024 के आखिर तक उसका शुद्ध कर्ज 61,324 करोड़ रुपये का था। ग्रॉस कर्ज 78,016 करोड़ रुपये था।
6 अगस्त को वेदांता का शेयर लगभग फ्लैट लेवल पर 414 रुपये पर बंद हुआ है। सुबह बीएसई पर यह बढ़त के साथ 416.05 रुपये पर खुला। दिन में इसने 422 रुपये का हाई और 411.50 रुपये का लो देखा। कंपनी का मार्केट कैप 1.62 लाख करोड़ रुपये है। पिछले एक साल में शेयर की कीमत 74 प्रतिशत मजबूत हुई है।
कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि जून 2024 तिमाही के दौरान वेदांता की लांजीगढ़ रिफाइनरी में एल्यूमीनियम का अब तक का सबसे ज्यादा प्रोडक्शन देखा गया, जो कि 539 kt रहा। यह सालाना आधार पर 36 प्रतिशत ज्यादा है। जिंक इंडिया के मामले में माइंड मेटल प्रोडक्शन सालान आधार पर 2 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 263 kt रहा, जो अब तक का सबसे ज्यादा प्रोडक्शन है। इसी तरह रिफाइंड मेटल प्रोडक्शन भी हाइएस्ट एवर रहा है और सालाना आधार पर 1 प्रतिशत बढ़कर 262 kt पर पहुंच गया।