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GST: अगले दो-तीन साल में B2C ट्रांजैक्शंस के लिए ई-इनवॉइस जरूरी करेगी सरकार

सरकार अगले दो-तीन साल में B2C (बिजनेस टू कंज्यूमर) ट्रांजैक्शंस के लिए इलेक्ट्रॉनिक या ई-इनवॉइस जारी करना जरूरी कर देगी। एक सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी है। फिलहाल, 5 करोड़ से ज्यादा के टर्नओवर वाली कारोबारी इकाइयों को अपने बिजनेस टू बिजनेस (B2B) खरीद और बिक्री के लिए ई-इनवाइस जारी करना पड़ता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 06, 2023 पर 5:30 PM
GST: अगले दो-तीन साल में B2C ट्रांजैक्शंस के लिए ई-इनवॉइस जरूरी करेगी सरकार
सरकार धीरे-धीरे तमाम बिजनेस इकाइयों के लिए ई-इनवॉइस जरूरी कर रही है।

सरकार अगले दो-तीन साल में B2C (बिजनेस टू कंज्यूमर) ट्रांजैक्शंस के लिए इलेक्ट्रॉनिक या ई-इनवॉइस जारी करना जरूरी कर देगी। एक सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी है। फिलहाल, 5 करोड़ से ज्यादा के टर्नओवर वाली कारोबारी इकाइयों को अपने बिजनेस टू बिजनेस (B2B) खरीद और बिक्री के लिए ई-इनवाइस जारी करना पड़ता है। सरकार B2C ट्रांजैक्शंस के लिए भी ई-इनवॉइस की शर्तों को लागू करने की तैयारी में है।

सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेज एंड कस्टम्स (CBIC)-GST के सदस्य शशांक प्रिय ने बताया कि GST सिस्टम्स का दायरा बढ़ाना होगा और इसके तहत B2C को ई-इनवॉइस के दायरे में लाने की दिशा में काम चल रहा है।

एसोचैम (Assocham) के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, 'हम B2C के लिए इनवॉइस जरूरी करने पर विचार कर रहे हैं। GSTN की क्षमताओं का दायरा बढ़ाना होगा। इस सिस्टम को लाना होगा। हमें यह देखना होगा कि कौन से सेक्टरों में पहले काम शुरू किया जा सकता है। इस पर काम चल रहा है और हमें उम्मीद है कि आने वर्षों में हम इसे आगे बढ़ा सकेंगे।'

प्रिय का कहना था कि 5-10 करोड़ के टर्नओवर वाली बिजनेस इकाइयां पूरी तरह से ई-इनवॉइस नहीं जारी कर रही हैं और नियमों का पालन नहीं करने वाली बिजनेस इकाइयों पर CBIC के अधिकारी ई-इनवॉयस जारी करने के लिए दबाव बना रहे हैं। प्रिय ने GST पर आयोजित नेशनल कॉन्फ्रेंस में कहा, '5 करोड़ रुपये तक वाली बिजनेस इकाइयों के लिए ई-इनवॉइस जारी करने का नियम ठीक से लागू नहीं हो पा रहा है। हम टैक्सपेयर्स को ई-इनवॉइस जारी करने से जुड़े फायदों के बारे में बता रहे हैं, मसलन कारोबार करने में सहूलियत।'

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