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इंसानों की सेना में पेंगुइन का जलवा, जवान ठोकते हैं सलाम, मेजर जनरल बना ये पक्षी

क्या आपने कभी किसी पेंगुइन को सेना में मेजर जनरल के पद पर देखा है? यह अनोखी कहानी एडिनबर्ग चिड़ियाघर के Major General Sir Nils Olav III की है। यह किंग पेंगुइन नॉर्वे की King’s Guard का आधिकारिक शुभंकर है। उसका सैन्य सफर बेहद दिलचस्प है, जिसने उसे दुनिया का सबसे ऊंचे रैंक वाला पेंगुइन बना दिया

Edited By: Anchal Jhaअपडेटेड Oct 06, 2026 पर 9:16 AM
इंसानों की सेना में पेंगुइन का जलवा, जवान ठोकते हैं सलाम, मेजर जनरल बना ये पक्षी
Sir Nils की यह अनोखी उपलब्धि Guinness World Records तक पहुंच चुकी है।

क्या आपने कभी सोचा है कि कोई पेंगुइन भी सेना में बड़ा अधिकारी हो सकता है? सुनने में यह बात भले ही मजेदार लगे, लेकिन यह बिल्कुल सच है। स्कॉटलैंड के एडिनबर्ग चिड़ियाघर में रहने वाला Major General Sir Nils Olav III अपनी अनोखी पहचान के कारण दुनिया भर में चर्चा में है। यह किंग पेंगुइन नॉर्वे की King’s Guard का आधिकारिक शुभंकर है और उसे मेजर जनरल का सम्मानित सैन्य पद भी मिला हुआ है। उसकी कहानी जितनी दिलचस्प है, उतनी ही हैरान करने वाली भी, क्योंकि एक पेंगुइन ने इंसानों की सैन्य दुनिया में अपनी अलग जगह बनाई है।

1972 में शुरू हुई थी अनोखी कहानी

इस दिलचस्प कहानी की शुरुआत साल 1972 में हुई थी। उस समय नॉर्वे की King’s Guard ने एडिनबर्ग चिड़ियाघर के एक किंग पेंगुइन को अपना शुभंकर बनाया था। उसका नाम Nils Olav रखा गया। इसमें नॉर्वेजियन अधिकारी मेजर निल्स एगेलियन और तत्कालीन राजा ओलाव V के नाम शामिल थे। इसके बाद चिड़ियाघर में आने वाले कई पेंगुइनों को इसी नाम की परंपरा से जोड़ा गया। इस तरह एक पेंगुइन और नॉर्वे की सेना के बीच एक अनोखा रिश्ता लगातार आगे बढ़ता गया।

धीरे-धीरे बढ़ता गया सैन्य रुतबा

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