Corporate Bond: अपने पैसे को किसी अच्छी कंपनी में लगाना चाहते हैं लेकिन शेयर मार्केट के उतार-चढ़ाव से घबराते हैं तो कल 23 नवंबर को बेहतर मौका मिलने वाला है। बुधवार 23 नवंबर को करीब छह कंपनियां 9200 करोड़ रुपये जुटाने के लिए कॉरपोरेट बॉन्ड जारी करने वाली हैं। मनी मार्केट डीलर्स के हवाले से यह जानकारी प्राप्त हुई है। इन कंपनियों में हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन (HDFC), इंडियन ऑयल (Indian Oil) और रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉरपोरेशन (REC) शामिल हैं। इन बॉन्डों के लिए एनएसई (NSE) और बीएसई (BSE) के बिडिंग प्लेटफॉर्म पर बोली लगेगी। कॉरपोरेट बॉन्ड एक तरह की डेट सिक्योरिटी होती है जिसे कंपनियां जारी करती हैं और निवेशकों को बेचती हैं। इसके जरिए कंपनियों को पूंजी मिल जाती है और निवेशकों को शानदार रिटर्न मिलता है।
बॉन्ड के बारे में डिटेल्स
रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन की योजना 4 हजार करोड़ रुपये जुटाने की है जिसमें से 3500 करोड़ ग्रीनशू (Greenshoe) है। इसकी मेच्योरिटी 180 महीने होगी और इसके लिए बोली एनएसई के बिडिंग प्लेटफॉर्म पर लगेगी। इंडियन ऑयल ने 2500 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा है जिसमें से 1500 करोड़ रुपये का ग्रीनशू है। इंडियन ऑयल का बॉन्ड पांच साल में मेच्योर होगा। ग्रीनशू का मतलब ओवर-अलॉटमेंट है। मार्केट पार्टिसिपेंट्स के मुताबिक एचडीएफसी के बॉन्ड पर 7.79 फीसदी, एचडीएफसी क्रेडिला फाइनेंशियल सर्विसेज पर 8.17 फीसदी और आईसीआईसीआई होम फाइनेंस पर 7.95 फीसदी का फिक्स्ड कूपन है।
कंपनियां बॉन्ड के जरिए जुटा रही हैं पैसे
मनी मार्केट डीलर्स के मुताबिक पिछले कुछ समय से अधिकतर कंपनियां बॉन्ड मार्केट के जरिए पैसे जुटा रही हैं। सेबी के आंकड़ों के मुताबिक इस साल अप्रैल-अक्टूबर के बीच कॉरपोरेट कंपनियों ने बॉन्ड के जरिए 3.09 लाख करोड़ रुपये जुटाए हैं। बैंकों और कंपनियों ने अप्रैल-जून 2022 में 77,274.82 करोड़ रुपये, जुलाई-सितंबर 2022 में 1.97 लाख करोड़ और अक्टूबर में 34,699.38 करोड़ रुपये जुटाए हैं। हालांकि डीलर्स का अनुमान है कि अब ब्याज दरें बढ़ रही हैं तो कॉरपोरेट बॉन्ड की रफ्तार सुस्त हो सकती है।